दिल्ली से अलीगढ़ तक चली पुलिस की दबिश: लूट की रकम और हथियार के साथ 7 बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नरेला-बवाना फ्लाइओवर पर हुई लूट की सनसनीखेज वारदात को सुलझा लिया है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ऑपरेशन चलाकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में निखिल (25), मोनू (22), अनिल (25), अंशुल (21), रोहित (25), सौरभ (22) और अजय (22) शामिल हैं। इनके पास से लूटी गई रकम का हिस्सा, वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।

बाहरी उत्तर जिले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने बताया कि 11 जनवरी की शाम करीब 7:35 बजे पीड़ित कुलदीप अपनी मोटरसाइकिल से नरेला-बवाना फ्लाइओवर से गुजर रहा था। उसके पास करीब 4.5 लाख रुपये कैश था। इसी दौरान एक सफेद रंग की कार ने उसका रास्ता रोका और चार युवकों ने उस पर हमला कर दिया। बदमाशों ने पिस्तौल तानकर उसे जान से मारने की धमकी दी और रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में धारा 309(4)/311/3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

एसीपी राकेश कुमार के मार्गदर्शन और एसएचओ मनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने डीएसआईआईडीसी नरेला और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान संभव हो सकी। 19 जनवरी को पुलिस ने सबसे पहले निखिल उर्फ नन्नू, मोनू और अनिल को धर दबोचा। इनकी निशानदेही पर अंशुल उर्फ बिट्टू को भी गिरफ्तार किया गया।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि इस गैंग के अन्य साथी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में छिपे हैं। टीम ने तुरंत अलीगढ़ में छापेमारी की और वहां से रोहित उर्फ अमन, सौरभ और अजय को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कुल 66,500 रुपये कैश, एक देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस और वारदात की साजिश में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अवैध हथियार कहां से खरीदा था और बाकी की रकम कहां छिपाई गई है।

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