मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.70 करोड़ रुपये ठगे, जानिए क्या था पैतरा

राष्ट्रीय जजमेंट

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में 76 साल के मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर को 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर साइबर जालसाजों ने 1.70 करोड़ रुपये ठग लिए। उनको यह कहकर फंसाया कि आपकी आईडी पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से कॉल कर गाली दी जाती है। इसके बाद बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल बताकर सीबीआई जांच की बात कही गई। साथ ही खाते में जमा रकम वेरिफाई करने के बहाने आरटीजीएस से 2 बार में रुपये ट्रांसफर कराए गए।ठगों ने जांच के बाद 48 से 78 घंटे में रकम लौटाने की बात कही थी। 20 लाख रुपये और मांगे गए तो पीड़ित ने अपने बेटे को बताया। बेटे ने पिता को ठगों के जाल से छुड़ाकर साइबर थाने में केस दर्ज कराया। जांच में सामने आया है कि 1.30 करोड़ रुपये बंगलूरू में एसपीएसजी ग्लोबल कम्पैशन एंटरप्राइजेज और दूसरी बार गुजरात के जंजार्दा रोड जूनागढ़ बैंक शाखा में रुपये गए हैं।सेक्टर-62 निवासी रिटायर्ड अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि 9 सितंबर को कॉल आई। कॉलर ने कहा कि आपकी आईडी पर जारी नंबर से मुंबई में कॉल कर गाली दी जा रही है। इसी बीच कॉल फर्जी थाने में ट्रांसफर कर दी गई, उनको मनी लॉन्ड्रिग में शामिल बता सीबीआई जांच में मदद के लिए राजी किया गया। फर्जी सीबीआई अधिकारी विजय खन्ना ने बताया कि उनके नाम से मुंबई में खाता खोला गया है। गलत लेन-देन में इसका प्रयोग हुआ है। हथकड़ी लगा मुंबई लाने की धमकी देकर उनको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया।फर्जी कोर्ट में पेशीठगों ने बैंक अकाउंट की जानकारी लेकर उनकी फर्जी कोर्ट में पेशी की। जज की तरह दिखने वाले शख्स ने पीड़ित को हिरासत में लेने की हिदायत दी। इसके बाद ठगो ने रकम वेरिफाई करने के बहाने आरटीजीएस से दो बार में रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठग उनको एक कमरे से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। पीड़ित को शक हुआ तो उन्होंने पहले मनी लॉन्ड्रिंग के बारे में जानकारी जुटाई और अपने बेटे को सब बताया। रात 11 बजे ठग रुपये के लिए दबाव दे रहे थे। इसके बाद बेटे ने साइबर थाने को सूचना दी।

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