नौसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास आज से 50 से अधिक देशों की सेनाएं होंगी शामिल, 27 फरवरी तक चलेगा

राष्ट्रीय जजमेंट न्यूज

विशाखापत्तनम नौसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास सोमवार से शुरू होगा, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इसमें 50 से अधिक देशों की नौसेनाएं शामिल होंगी। युद्धाभ्यास की पूर्वसंध्या पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है। समुद्र की सुरक्षा के लिए नौसेना का समर्पण उल्लेखनीय है। वास्तव में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है।

नौसेना प्रमुख ने कहा, वियतनाम पीपुल्स नेवी के कार्वेट 20 और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के यूएसएस हैल्सी (डीडीजी-97) जहाज विशाखापत्तनम पहुंच चुके हैं। मिलन 24 का सार सहयोग, सामंजस्य और बातचीत में निहित है। यह प्रमाण है कि सभी देश समुद्री सुरक्षा के लिए साझे रूप से प्रतिबद्ध हैं।

भारतीय नौसेना सभी की मदद के लिए प्रतिबद्ध
पाकिस्तानी और ईरानी चालक दल को सोमालिआई समुद्री डाकुओं से बचाने के लिए भारतीय नौसेना के प्रति आभार व्यक्त किए जाने पर नौसेना प्रमुख ने कहा, सेना मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

31 प्रीडेटर ड्रोन सौदे पर हस्ताक्षर जल्द
नौसेना प्रमुख ने कहा कि अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अनुरोध पत्र को रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंजूरी दे दी है। पत्र अमेरिकी सरकार के पास चला गया है। उन्होंने हमें एक मसौदा पत्र दिया है। अब इसे (अमेरिकी) कांग्रेस समिति के समक्ष रखा जाएगा। उम्मीद करते हैं कुछ ही महीने में इस सौदे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अनुबंध हस्ताक्षर होने के बाद इसके निर्माण और सौंपने की एक समय सीमा है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More