राष्ट्रीय जजमेंट न्यूज
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जो अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके साथ ही 22 जनवरी को गर्भ ग्रह में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कई तरह के अनुष्ठान होने हैं जिनकी तैयारी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस राम मंदिर निर्माण को लेकर वीएचपी, आरएसएस और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास किया गया, जिसके जरिए श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एक बड़े स्तर के क्राउडफंडिंग अभियान को जन्म दिया गया। ये दुनिया का सबसे बड़ा क्राउडफंडिंग अभियान था, जिसे श्री राम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण अभियान कहा गया था।
जब इस सबसे बड़े क्राउडफंडिंग अभियान की शुरुआत की गई थी तो इसका उद्देश्य था कि राम मंदिर के निर्माण में इसकी राशि का उपयोग किया जाएगा। जब राम मंदिर निर्माण की बात आई तो ये अनुमान लगाया गया था कि मंदिर निर्माण में लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस अभियान का मूल उद्देश्य था कि राम मंदिर का निर्माण भगवान राम को एक समर्पित भेंट है। किसी तरह की वित्तीय बाधा इस दिशा में बाधा उत्पन्न नहीं करेगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी कहा है कि इस पहल का महत्वाकांक्षी दायरा देश के हर कोने, कश्मीर के उत्तरी छोर से लेकर कन्याकुमारी के दक्षिणी छोर तक, पश्चिमी सीमा से पूर्वी छोर तक को जोड़कर सभी को शामिल करने का था। इसका उद्देश्य केवल राम मंदिर के बारे में जानकारी का प्रसार करना था। इसके जरिए जनता के बीच जागरुकता भी पैदा की गई और जनता का अमूल्य समर्थन भी हासिल किया गया, जिसके जरिए राम मंदिर निर्माण को बल मिला। इस अभियान को 15 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर शुरू किया गया था जो कि 27 फरवरी 2021 को पड़ने वाली माघ पूर्णिमा तक चला था। यह अभियान विहिप कार्यकर्ताओं की मदद से देश भर के 400,000 गांवों में रहने वाले आश्चर्यजनक 110 मिलियन परिवारों तक पहुंचने के लिए निर्धारित किया गया था।
राम मंदिर का निर्माण सिर्फ कुछ ही लोगों तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि पूरे देश के लोग इससे जुड़े है। आज के समय में राम मंदिर राष्ट्र मंदिर की तर्ज पर महत्वपूर्ण हो गया है, जो पूरे राष्ट्र में एक अहम प्रतीक बनकर भी उभरा है। भगवान श्री राम के जन्मस्थान पर एक मंदिर का निर्माण, ये देश के सभी कोनों से व्यक्तियों को एक साझा सपने में योगदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया, जो लाखों लोगों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। इस अभियान को लेकर वास्तविक प्रतिक्रिया बेहद जबरदस्त थी। इस खास अभियान में नागरिकों, संगठनों और समुदायों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जो बेहद रोमांचक था।
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