पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की अनुमति के बिना बिजली संकट के लिए 976 करोड़ का ख़रीदा गया कोयला

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राष्ट्रीय जजमेंट न्यूज़ 

संवाददाता 

मध्य प्रदेश में बिजली संकट की परिस्थितियां बन जाने के बाद अब कोयला खरीदी की जा रही है। इसके लिए विद्युत नियामक आयोग और पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की अनुमति भी नहीं ली गई और 976 करोड़ रुपए के कोयला खरीदी के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसको लेकर अब कांग्रेस ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस्तीफे की मांग कर दी है।
मध्य प्रदेश में बिजली संकट की स्थिति है जिसको लेकर पिछले दिनों कृषि मंत्री कमल पटेल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद अब थर्मल पॉवर प्लाटों में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कमी की पूर्ति के लिए कोयला खरीदी का फैसला किया गया है। इसके लिए 976 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए गए हैं। यह कहा जा रहा है कि कोयला खरीदी टेंडर कीमत से कई गुना ज्यादा दाम पर की जा रही है। मौजूदा टेंडर विद्युत नियामक आयोग से स्वीकृत दरों से करीब पांच से छह गुना ज्यादा पर खरीदा जा रहा है। इससे बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

कांग्रेस का हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज लक्ष्मण सिंह ने कोयला खरीदी पर भाजपा सरकार और ऊर्जा मंत्री पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन की कीमत से कोयला खरीदा जा रहा है। इसकी अनुमति भी नहीं ली गई है। कोयला खरीदी को उन्होंने बड़ा घोटाला बताया है और लाखों-करोड़ों रुपए का घोटाला होने की संभावना है। विदेशी कोयले से पॉवर प्लांटों के खराब होने की आशंका भी है क्योंकि देशी कोयले की तुलना में विदेशी कोयला तेजी से जलता है। मध्य प्रदेश के पॉवर प्लांट देशी कोयले के हिसाब से बने हैं। सिंह ने कहा कि नियम प्रक्रिया का पालन किए बिना की जा रही इस कोयला खरीदी को लेकर ऊर्जा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

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