यूएस एयरफोर्स 66 साल से 56 द्वीपों पर प्लेन से तोहफे गिराकर मना रही क्रिसमस

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वॉशिंगटन. अमेरिकी रक्षा विभाग का सबसे लंबा ऑपरेशन पिछले 66 साल से जारी है। इसका नाम है ऑपरेशन क्रिसमस ड्रॉप।
इसके तहत अमेरिकी एयरफोर्स हर साल प्रशांत महासागर में मौजूद द्वीपों पर सी-21 सुपर हरक्यूलिस विमान से तोहफों की बारिश करती है।
गिफ्ट्स में आमतौर पर खाने-पीने का सामान, कपड़े, जूते, बच्चों के खिलौने और स्कूल की जरूरत की चीजें होती हैं। इसे दुनिया का सबसे लंबी अवधि का मानवतावादी मिशन भी कहा जाता है।

  1. 1952 के क्रिसमस के दौरान गुआम स्थित एंडरसन एयरफोर्स बेस से बी-29 बॉम्बर विमान एक मिशन के लिए निकले थे। बीच रास्ते में ही पायलटों को अग्रिगन द्वीप पर हाथ हिलाते लोग दिखाई दिए। पायलटों ने विमान पर मौजूद कुछ चीजों को तुरंत इकट्ठा किया और कंटेनरों को पैराशूट से बांधकर फेंक दिया।
  2. बताया जाता है कि जब पहली बार द्वीप पर मौजूद लोगों ने प्लेन से कुछ गिरता देखा तो वे खुशी से भर गए। दरअसल, उस दौर में अग्रिगन में बिजली और पानी की ठीक व्यवस्था नहीं थी। वहां तूफान और चक्रवात भी आते रहते थे। ऐसे में कंटेनर में जरूरत का सामान पाकर लोग खुशी से चीखने लगे।
  3. क्रिसमस की यह परंपरा 66 साल से लगातार चल रही है। इसके लिए गुआम में रहने वाले लोग और कारोबारी चंदा देते हैं। हर साल सी-130 सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट की मदद से तोहफों से भरे बक्से द्वीपों पर गिराए जाते हैं। एक बॉक्स का कुल वजन 180 किलो होता है। इसमें घर बनाने के सामान से लेकर खिलौने और दूध तक हो सकता है। इन्हें पानी में गिराया जाता है, ताकि कोई चोटिल न हो।
  4. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2006 से अब तक 3.6 लाख किलोग्राम सामान की सप्लाई हो चुकी है। 2011 में फाएस द्वीप पर बड़े स्तर पर डेंगू फैलने के बाद वहां 25 अतिरिक्त डिब्बों में डेंगू की दवाइयां गिराई गई थीं। इस साल क्रिसमस से एक हफ्ते पहले ही एयरफोर्स ने अपना ऑपरेशन पूरा किया। इसमें अलग-अलग द्वीपों में रहने वाले 30 हजार लोगों के लिए करीब 28 हजार किलो सामान गिराया गया।
  5. जापान : झूठ से शुरू हुई क्रिसमस से जुड़ी एक परंपरा
    जापान में क्रिसमस के दौरान चिकन खाने की परंपरा है। हालांकि, इसकी शुरुआत एक झूठ से हुई। दरअसल, जापान में 1970 में पहली बार केएफसी ने फ्राई चिकन की सेल शुरू की थी। तब स्टोर मैनेजर तकेशी ओकावारा को चिकन बेचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।
  6. दरअसल, जापानियों को ओकावारा की दुकान का डिजाइन पसंद नहीं आता था। ईसाइयों की सिर्फ 2% जनसंख्या होने की वजह से क्रिसमस भी जापान में बड़ा त्योहार नहीं था। हालांकि, ओकावारा ने सेल बढ़ाने के लिए एक झूठ गढ़ा। उन्होंने ऐसी अफवाह फैलाई कि पश्चिम में क्रिसमस के त्योहार पर चिकन खाना जरूरी होता है।
  7. इस झूठ को प्रचारित करने के बाद ओकावारा क्रिसमस पार्टियों में केएफसी चिकन प्रमोट करने लगे। वे खुद सांता क्लॉज बनकर पार्टियों में पहुंच जाते थे। धीरे-धीरे उनकी कोशिशों से केएफसी स्टोर का देश में प्रसार बढ़ा। फर्क ये आ गया कि जापान में क्रिसमस पर दूसरे देशों की तरह टर्की खाने की बजाय चिकन खाया जाने लगा।
  8. ओकावारा की कोशिशों ने एक विफल बिजनेस को सफलता की तरफ मोड़ दिया। 1974 में ओकावारा को जापान केएफसी का हेड बना दिया गया। हर साल क्रिसमस के दौरान चिकन की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। यहां तक की लोगों को स्टोर्स के बाहर लाइन में भी खड़ा होना पड़ता है। पिछले साल ही क्रिसमस पर 36 लाख लोगों ने केएफसी से चिकन ऑर्डर किया था। यह आंकड़ा जापान की आबादी का 20% है।
  9. लंदन: लुटॉन एयरपोर्ट पर दुनिया का सबसे बड़ा क्रिसमस लाइट शो
    लंदन के लुटॉन एयरपोर्ट पर दुनिया का सबसे बड़ा क्रिसमस लाइट शो लगाया गया है। यहां 120 फीट लंबे एयरबस ए320 विमान को 2.4 किमी लंबी एलईडी बल्बों की लड़ी से रोशन किया गया है। 5 हजार वर्गमीटर वाले प्लेन को इस तरह ढंका गया है कि यह रंग-बिरंगी रोशनी से घिरा ही लगता है। लुटॉन एयरपोर्ट प्रशासन ने इस शो के लिए इजीजेट एयरलाइंस की मदद ली। एयरपोर्ट अपनी 80वीं एनिवर्सरी भी मना रहा है।

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