ये हैं दुनिया के सबसे खतरनाक और एडवेंचरस रेलवे ट्रैक्स

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ऊंचे-ऊंचे पहाड़ तो कभी गहरी नीची खाई, कभी सुरंग तो कभी समुद्र के बीचों-बीच से गुजरती हुई ट्रेन में बैठने के एडवेंचर का अंदाजा लगा पाना इतना मुश्किल भी नहीं है।
दुनिया में ऐसी कई सारी जगहें हैं, जहां पहुंचने का रास्ता बहुत ही चैलेंजिंग है लेकिन एडवेंचर का शौक रखने वालों को बहुत पसंद भी आती है।
गेओनग्वा स्टेशन, दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया के जीनहे क्षेत्र में 340,000 चेरी के पेड़ और हर साल यहां मनाया जाने वाला चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय है।
यहां के पेड़ों से फूल गिरते हैं और जमीन पर बिछ जाते हैं। गेओनग्वा स्टेशन भी इसी एरिया में है जो इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाता है।
मैकलॉन्ग मार्केट रेलवे, थाईलैंड
थाईलैंड का यह अजीबोगरीब मार्केट बैंकाक के वेस्ट में है। इस मार्केट में पूरे दिन फलों और सब्जियों की दुकानें लगी रहती हैं। मैकलॉन्ग मार्केट में वो नजारा देखने वाला होता है,
जब सायरन मारती रेल इसके बीचोंबीच से गुजरती है। जैसे ही ट्रेन आती है, लोग सब्जियां और फल समेट लेते हैं। ट्रेन के गुजर जाने के बाद यह मार्केट फिर से वैसे ही लग जाता है।
एक या दो नहीं, दिन में कई दफा वेंडर्स को ऐसा करना पड़ता है। 15 स्टेशनों से होकर गुजरने वाली इस ट्रेन में सफर का मजा ही अलग होता है। तीन फीट लंबी ये ट्रेन बैंकाक से थाईलैंड के बीच का सफर तय करती है।
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे, रूस
9,289 किलोमीटर लंबे इस रूट को दुनिया की सबसे लंबी रेलवे लाइन कहा जाता है। ट्रांस-साइबेरियन रेलवे ट्रैक मास्को से लेकर रूस और जापान के समुद्र को जोड़ता है।
यह लाइन मंगोलिया, चीन और उत्तर कोरिया की लाइनों से भी जुड़ा है। इसे 1916 में मास्को को व्लादिवोस्तोक से जोड़ा गया था और अभी भी लगातार इस पर काम चल ही रहा है। साइबेरियन रेलवे लाइन का निर्माण 1891 में शुरू हुआ था।
ट्रेन ए लास न्यूब्स, अर्जेंटीना
समुद्र तल से 13,850 फीट की ऊंचाई पर स्थित ये रेलवे ट्रैक है जो 224 मीटर लंबा है। सैलानियों को खासतौर पर आकर्षित करने वाला ये रेलवे ट्रैक साल्ट प्रोविन्स, अर्जेंटीना में है।
यह सर्विस फेरोकेरिल जनरल मैनुअल बेलग्रोन के सी-14 लाइन पर दी जाती है। इसे दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा रेलवे ट्रैक माना जाता है। इस रेलवे लाइन पर 29 ब्रिज, 21 टनल, 13 पुल, 2 स्पाइरल और 2 जिगजैग है।
1889 में इस रूट पर सबसे पहली ट्रेन चलाई गई थी। इस रेलवे ट्रैक का ये नाम 1960 में स्ट्रडेंट्स द्वारा शूट किए गए एक फिल्म की वजह से पड़ा। 7 घंटे की ट्रेन की जर्नी में कई सारे अनोखे नजारे देखने को मिलते हैं।
लैंड वासर विडक्ट, स्विट्जरलैंड
आर्किटेक्ट्स की अनोखी मिसाल कहे जाने वाले स्विट्जरलैंड का लैंड वासर विडक्ट ट्रैक रेलवे ब्रिज लैंड वासर नदी पर बना है। 65 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का सफर किसी एंडवेंचर से कम नहीं।
इसके एक ओर गहराई तो दूसरी ओर लंबी सुरंग है। सफर के दौरान मिलने वाले 6 घुमावदार रास्ते अलग सा एक्सपीरिएंस देते हैं। 213 फीट ऊंची और 446 फीट लंबा ये ब्रिज 1902 में बनाया गया था।
स्विट्जरलैंड के शहर श्चिमटन से फिलिसुर को जोड़ने वाले इस ब्रिज को अलेक्जेंडर अकाटोस ने डिजाइन किया था। वहीं, रहेतिअन रेलवे के लिए इस ब्रिज को मूलर और जिरलेडर की देख-रेख में बनाया गया था।
जॉर्जटाउन लूप रेलरोड, यूएसए
लगभग 640 फीट ऊंचा ये रेलवे ट्रैक एडवेंचर सफर के लिए सैलानियों के बीच मशहूर है। जॉर्ज टाउन और सिल्वर प्लम की गहरी पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाले इस ट्रैक को साल 1884 में बनाया गया था।
चार पुल वाले इस ट्रैक को पुलडेविल गेट हाई ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। कोलोराडो और दक्षिण रेलवे की इस लाइन को 1899-1938 में सफर के साथ-साथ माल को ढोने के काम में भी लाया जाता था।
थाईलैंड में आने वाले लोग जो सबसे पहली चीज देखने जाते हैं वो हैं यहां का क्वाई (Kwai) नदी पर बना ब्रिज। जो सैलानियों के बीच कॉफी पॉपुलर है।
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बैंकॉक, थाईलैंड और रंगून, बर्मा के बीच 415 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक को डेथ रेलवे कहा जाता है क्योंकि इस इस रेलवे ट्रैक को बनाते समय 90,000 से अधिक लोगों की नदी में गिर जाने से मौत हो गई थी।

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