BJP may face a major blow in Rajasthan politics, Vasundhara Raje reaches Delhi
वसुंधरा राजे
राजस्थान में चल रहे सियासी भूचाल के बीच विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला लगातार उठता रहा है. कांग्रेस पार्टी और सीएम अशोक गहलोत खुलकर बीजेपी पर कांग्रेसी विधायकों को खरीदने का आरोप लगाते रहे है, लेकिन इसी बीच अब बीजेपी को ही अपने विधायकों के पाला बदल लेने का डर सताने लगा है. जी हां राजस्थान सियासत में आया तूफ़ान अब बीजेपी के दरवाजे पर दस्तक देने लगा रही है.
यही वजह है कि राजस्थान बीजेपी ने अपने विधायकों की घेराबंदी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में बीजेपी ने अपने कई विधायकों को गुजरात भेज दिया है. दरअसल राजस्थान विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू होने जा रहा है.
यह सत्र कांग्रेस की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार का भविष्य तय करेगा. इससे पहले बीजेपी भी अपने विधायकों को टूट’ने से बचाने की कोशिश में जुट गई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के अपने 12 विधायकों को गुजरात भेजा दिया है.
हालांकि इसे लेकर बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि ये विधायक घूमने के उद्देश्य से गुजरात गये है. लेकिन लॉकडाउन और कोरोना वायरस के बीच घुमने जैसा तर्क लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है.
वहीं बीजेपी से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है कि बीजेपी नेतृत्व ने ही अपने 12 विधायकों को गुजरात भेजा है. यह विधायक 12 अगस्त तक गुजरात में रहेंगे. इसके आलावा जल्द ही कुछ विधायकों को मध्य प्रदेश में भी शिफ्ट किया जा सकता हैं.
सूत्रों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर विधायक पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समर्थक हैं. इसे लेकर वसुंधरा राजे ने दिल्ली पहुंच कर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है.
बताया जा रहा है कि वसुंधरा अपने समर्थक विधायकों को गुजरात भेजे जाने से काफी नाराज है. उन्होंने जेपी नड्डा से पार्टी की इस कार्यशैली पर नाराजगी भी जाहिर की है.
वसुंधरा गुट के मुताबिक वसुंधरा राजे ने जेपी नड्डा से साफ तौर पर कहा है कि वो पार्टी के साथ है लेकिन वो स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगी. खबरों के अनुसार वसुंधरा राजे अब 12 अगस्त तक दिल्ली में ही रहेंगी और 13 को ही जयपुर आएंगी. बता दें कि राजस्थान में बीजेपी के कुल 70 विधायक है जिसमें से वसुंधरा समर्थक विधायकों की कुल संख्या करीब 45 बताई जाती है.

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