कोटा। शहर में फंसे उत्त प्रदेश के छात्रों को घर भेजने का कार्रवाई शनिवार को भी जारी रही। शुक्रवार को 252 में से 100 बसें ही रवाना हो सकीं। जिसमें करीब 3000 बच्चों को उत्तरप्रदेश के लिए रवाना किया गया। वहीं 152 बसें कोटा में ही हैं। जिन्हे शनिवार को भेजा जा रहा है।

शुक्रवार को उत्तरप्रदेश की बसों की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर आ गए, जिसके चलते एक साथ 252 बसें न भेजकर 100 बसें ही भेजी गई। वहीं बाकी छात्रों को हॉस्टल में ही रहने के लिए कहा गया।

अब इन बसों को जिलेवार भेजा जाएगा। बाकी बचे करीब 4500 कोचिंग छात्रों को शनिवार शाम तक रवाना किया जाएगा। राजस्थान और यूपी सरकार ने गुरुवार को यह फैसला लिया था। छात्रों के लिए शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से रवाना हुईं।

हर छात्र को घर तक पहुंचाने के लिए लाउड स्पीकर की मदद से गलियों में सूचना भी दी जा रही है। इसमें बच्चों को बस कहां से लेनी है। क्या-क्या सावधानियां रखनी हैं इसकी जानकारी दी जा रही है।

5 नए पॉजिटिव केस भी

इस बीच कोटा में 5 नए पॉजिटिव केस भी सामने आए हैं। बजाज खाना क्षेत्र से हैं। ये सभी पहले संक्रमित मिले मकबरा क्षेत्र के लोगों से संपर्क में आए थे। इसके बाद शहर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 97 पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश से भी छात्रों को लाने की योजना

कोटा में देशभर से छात्र आईआईटी की तैयारी करने आते हैं। यहां अभी 40 हजार छात्र हॉस्टल और पीजी अकोमोडेशन में रह रहे हैं। यूपी के अलावा मध्यप्रदेश सरकार भी छात्रों को घर वापस लाने के लिए बातचीत कर रही है। बिहार के बच्चों के लिए भी वहां की सरकार से बात की जाएगी।

मास्क, सैनिटाइजर, पानी और खाने की भी व्यवस्था की गई
बच्चों को भेजने की पूरी व्यवस्था एडीएम प्रशासन एनके गुप्ता कर रहे हैं। उनके साथ पुलिस भी बच्चों को बसों तक लाने और शांति बनाए रखने में मदद करेगी। बच्चों के बसों में बैठने से पहले मास्क, सैनिटाइजर, पानी और खाना भी दिया जाएगा।

बिहार के मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह नाइंसाफी है। छात्रों को लेने के लिए बसें भेजने से लॉकडाउन का महत्व ही खत्म हो जाएगा। इस बीच, कोटा में रहकर तैयारी करने वाला एक छात्र भरतपुर में संक्रमित मिला है। वह जिस हॉस्टल में रहता था, वहां के सभी छात्रों को आइसोलेट किया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.