नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी कार्यसमिति की बैठक में नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और देश के मौजूदा हालात पर चर्चा की।
उन्होंने इस मौके पर कांग्रेस नेताओं से सीएए के विरोध में देश के लोगों के साथ खड़े होने की अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीएए एक भेदभावपूर्ण और
धर्म के आधार पर देश को बांटने वाला कानून है। दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के एक कार्यक्रम में कहा कि विपक्ष सीएए को लेकरदुष्प्रचार कर रहा है।
सोनिया ने पार्टी के कार्यकारिणी के सदस्यों से कहा कि हमें घोषणा करनी चाहिए कि कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता समानता, कानून, न्याय और गरिमा की रक्षा में देश के लोगों के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन विधेयक विपक्ष के भारी विरोध के बाद पारित करा लिया गया। यह हमारे लिए गंभीर मुद्दा है।
सोनिया ने कहा देश के हजारों युवा विशेषकर छात्र सीएए के कारण होने वाले नुकसान समझ गए हैं। वे सड़कों पर उतरकर सर्द मौसम के साथ ही पुलिस और नौकरशाहों का सामना कर रहे हैं।
प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की जांच के लिए आयोग गठित किया जाए। सरकार लोगों के विरोध कोदबाने की पूरी कोशिश कर रही है। कोई ऐसा दिन नहीं बीतता जब गृह मंत्री और प्रधानमंत्री उकसाने वाला बयान नहीं देते।
उधर, गांधी नगर में अमित शाह ने सीएए को लेकर विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकरदुष्प्रचार किया जा रहा है। मेरा विपक्षी दलों को खुला चैलेंज है कि वे बताएं कि इसमें नागरिकता लेने का प्रावधानकहां है। उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यस्था को बेहतर बनाने के लिए भी काम कर रही है।1947 से 2014 तक अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर की हुई थी। नरेंद्र मोदी सरकार ने 2014 से 2019 तक इसे बढ़ाकर 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया। भारत 2024 में 5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य प्राप्त करने वाला है।

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