Yogi Adityanath directs to start campaign to make Uttar Pradesh dirt-free
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना की चुनौती का सामना करते हुए प्रदेश विकास परियोजनाओं को सतत जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा है कि बरसात का मौसम लगभग समाप्त हो चुका है और कार्ययोजना बनाकर सड़कों की गड्ढा मुक्ति का अभियान युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी शारदीय नवरात्र से पूर्व प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है।
सीएम ने की विकास कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुरादाबाद मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। जनपद अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, संभल और मुरादाबाद के जिलाधिकारियों से जनपद में प्रस्तावित/संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विवरण प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने मंडल के जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारीगण जन भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहें और शासन की योजनाओं से जनता को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।
दिए निर्देश
योगी ने जनपद रामपुर में निर्माणाधीन राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान डूंगरपुर, को गन्ना किसानों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। पहले यह केंद्र जनपद मुरादाबाद में प्रस्तावित था। इसके साथ ही उन्होंने जनपद संभल में तत्काल सीएमएस की तैनाती करने के लिए भी आदेश दिया। साथ ही बिजनौर में पीएसी की नई बटालियन की स्थापना को गति देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद मंडल में खनन कार्य को सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारी अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाते हुए वैध खनन कार्यों की मंजूरी प्रदान करें। इसे राजस्व का अहम जरिया बनाएं।
सबको आवास का संकल्प करें पूरा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि सबको आवास मुहैया कराने के संकल्पों के क्रम में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है और यह सुनिश्चित किया जाए कि इन योजनाओं का लाभ केवल पात्र जनों को ही प्राप्त हो। अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि कार्यदायी संस्था के चयन से पूर्व संस्था के संसाधनों की परख जरूर कर लें। उन्होंने मीरजापुर और सोनभद्र जनपद के उदाहरण देते हुए जनपदों को राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया सुचारु करने का निर्देश दिया।

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