महाराजगंज: जेएचवी मिल में पेराई शुरू न होने से, 22 हजार किसान हुए उदास

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महाराजगंज। गन्ने की खेती महाराजगंज जिले के गन्ना किसानों के लिए अभिषाप बन गई है। यहां जेएचवी चीनी मिल में पेराई अभी तक शुरू नहीं हुई है। किसानों के खेतों में खड़े गन्ने की फसल सूख रही है।
वहीं, बकाया भुगतान की चिंता में करीब 22 हजार किसानों की हालत खराब हो गई है। किसान अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं।
मिल में पेराई शुरू करने के लिए जिला प्रशासन का दावा है कि, उन्होंने कई मर्तबा नोटिस भेजा है। लेकिन मिल प्रबंधन न तो पिछले साल का बकाया भुगतान लौटा रहा है न ही मिल में पेराई शुरू की जा रही है।
इसी चीनी मिल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चौक स्थित मठ का भी 27 लाख रुपए बकाया है।
एक जमाना था कि महाराजगंज जिले और अन्य आस-पास के जिलों के किसान अपना गन्ना, जेएचवी चीनी मिल गड़ौरा को ही देना चाहते थे। लेकिन आज स्थिति इसके ठीक उलट है।
45 हजार क्विंटल गन्ना एक दिन में पेरने वाली यह मिल आज बंद है। किसान कहते हैं कि, वीरेंद्र यादव, अशोक, राजेंद्र व प्रेमसागर आदि किसान कहते हैं कि, दिसंबर चल रहा है,
लेकिन मिल अब तक बंद पड़ी है। पिछले सत्र का करीब 46 करोड़ बकाया है। 2014-15 और 2017-18 सत्र का भुगतान अभी तक क्लियर नहीं हो पाया है।
पूरे प्रदेश में यही एकमात्र ऐसी चीनी मिल है, जो गन्ना अलॉट होने के बाद भी नहीं चल रही है। इस पेराई सत्र के लिए प्रशासन ने इस मिल को 33 सेंटर एलॉट किए हैं।
इसके साथ ही करीब 59 लाख क्विंटल गन्ना इस मिल के लिए दिया जा रहा है। इसके उलट मिल प्रबंधन का यह कहना है कि हमने अपनी मांग में सौ लाख क्विंटल गन्ना मांगा था।
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जबकि हमें मात्र 59 लाख बारह हजार क्विंटल गन्ना ही मिला है। हमारे पिछले साल 46 सेंटर हुआ करते थे। उसमें कटौती करके प्रशासन ने इस साल सिर्फ 33 सेंटर ही अलॉट किए हैं। ऐसे में हम मजबूर हैं कि मिल न चलाएं।

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