गरीबी से घिरा रिक्शा चालक ने बेचा अपना बेटा                                                                                 गरीबी से घिरे एक रिक्शा चालक द्वारा दो माह के बेटे को 49 हजार रुपये में बेच देने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पति के फैसले पर शुरुआत में खामोशी बरतने वाली मां की वेदना जब और लोगों के बीच फूटी तो मामला आसपास के लोगों के बीच चर्चा में आ गया। जिम्मेदार किस्म के मोहल्ले वालों ने मासूम बच्चे को खरीदने वाले ठाकुरद्वारा के दंपती पर दबाव बनाया। चार दिन बाद बच्चे को मां के सुपुर्द करवा दिया।
बिलारी में फुलवार रोड निवासी 35 वर्षीय रिक्शा चालक की पत्नी ने दो माह पहले बेटे को जन्म दिया था। पहले से उसके पास दो बेटे थे। मोहल्ले के लोगों का कहना है ई-रिक्शा का चलन तेजी से बढ़ने के कारण वह सामान्य रिक्शे से जरूरत भर का नहीं कमा पा रहा था। पैसा जोड़कर ई-रिक्शा
खरीदने की उसकी योजना भी कामयाब नहीं हो सकी। इस बीच उसका एक बेटा बीमार हो गया। इलाज के लिए पैसे न जुटने पर उसने अपने एक करीबी से दो माह का बेटा बेचने की बात कही।
करीबी ने ठाकुरद्वारा के एक जरूरतमंद से सौदा कराते हुए 49 हजार रुपये रिक्शे वाले को दिला दिए। ठाकुरद्वारा के दंपती के बच्चा ले जाने के बाद रिक्शे वाले की पत्नी परेशान रहने लगी। उसने अपनी तकलीफ आसपास की महिलाओं से साझा की तो कुछ जिम्मेदार लोग आगे आए।
ठाकुरद्वारा के दंपती को समझाकर और धमका कर बच्चा वापस कराया। रिक्शा चालक को दी गई रकम का दो तिहाई हिस्सा संबंधित दंपती के हवाले करवाया। चर्चा में आने के बाद भी पूरा मामला पुलिस या प्रशासन के कानों तक नहीं पहुंच सका।
RJ दीपक वर्मा✍️

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