Noida-800 Corona patients told wrong address, administration finding trouble
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या कुछ और, जनपद में कोरोना के करीब 800 मरीज ही लापता हो गए हैं। जांच में पॉजिटिव आने के बाद करीब 4000 मरीज तो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में ढूंढ लिए गए, लेकिन अन्य मरीजों का पता नहीं चल सका।
ऐसे में लापता मरीज कहां हैं इनका कुछ पता नहीं चल सका है और इनसे अन्य लोगों में वायरस का प्रसार होने का खतरा भी बढ़ गया है। दरअसल, 8 मार्च को जनपद में कोरोना का पहला केस आया था। 26 जुलाई तक संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4748 हो गई है।
करीब 3948 मरीजों को कोविड अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया, लेकिन करीब 800 मरीज ट्रेस ही नहीं हो पाए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी मरीजों को ढूंढने में गंभीरता से लगी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मरीजों को ट्रेस करने के लिए सेक्टर-62 में कॉल सेंटर बना हुआ है। यहां तैनात कर्मी मरीज के परिजनों से पूछताछ कर उनसे संपर्क करने वालों की जानकारी लेते हैं।
मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम को नहीं मिले मरीज
मरीज को ढूंढने में तीन प्रमुख अड़चनें सामने आई हैं। इनमें पहली समस्या यह रही कि कुछ मरीजों ने पता गलत लिखवा दिया। वह दूसरे जनपद या राज्य से जुड़े रहे, लेकिन यहां का निवासी होने की जानकारी दी।
विभाग की टीम जब मौके पर गई तो मरीज मिले ही नहीं। दूसरा यह कि मरीजों द्वारा मोबाइल नंबर सही नहीं दिया गया। किसी और का नंबर लिखवा दिया गया।
मौके पर जाकर स्थिति कुछ और ही निकली। वहीं, तीसरी वजह में कुछ निजी लैबों की कारस्तानी सामने आई। उन्होंने जांच कर पुष्टि तो कर दी, लेकिन मरीज का विवरण नहीं दिया।
संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
मरीजों के न मिलने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। सूत्रों ने बताया कि मरीज को तुरंत आइसोलेट करना बेहद जरूरी है, लेकिन 800 मरीजों को पकड़ न पाना बड़ी गंभीर लापरवाही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। लापता हुए मरीज किस-किसकेसंपर्क में आएंगे। यह ढूंढना भी बड़ी चुनौती होगी।
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि मरीजों ने गलत पते या गलत मोबाइल नंबर लिखवा दिए। इस कारण से उनको ट्रेस नहीं किया जा सका है। कुछ मरीज ढूंढ लिए गए हैं। जो रह गए हैं। जल्द ही उन्हें भी ट्रेस कर भर्ती करा दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.