एटा फर्जी अभिलेखों से शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं पर शासन शिकंजा कसता जा रहा है। प्रथम सूची में शामिल एटा पांच शिक्षकों से रिकवरी की जाने वाली धनराशि का आगणन कर विभागीय लेखाकार ने शासन को भेज दिया। पांच शिक्षकों से लगभग दो करोड़ रुपये की धनराशि वसूली जानी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के लेखाकार नरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि 20 मई को बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने शासन से जारी हुई फर्जी शिक्षकों से रिकवरी सूची में एटा के पांच शिक्षकों के वेतनादि का आगणन तैयार करने को निर्देशित किया था। उनके निर्देश पर उन्होंने प्रथम रिकवरी सूची में शामिल एटा के फर्जी शिक्षक ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगला सुम्मेर के प्रधानाध्यापक प्रियंका, ब्लॉक सकीट क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चपरई के प्रधानाध्यापक गीता, प्राथमिक विद्यालय रजकोट सहायक अध्यापक आभा, ब्लॉक जलेसर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय किसर्रा अमृतपुर की सहायक अध्यापक अनीता, ब्लॉक अलीगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक वृंदावन बाथम के वेतनादि की रिकवरी के लिए लगभग दो करोड़ का आगणन तैयार कर शासन को भेजा गया है।
35 से 40 लाख रुपये की रिकवरी होनी है प्रति शिक्षक से
उन्होंने बताया कि प्रति शिक्षक-शिक्षिका 35 से 40 लाख रुपये की रिकवरी होनी है। उन्होंने इसकी आगणन रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है। शासन इन फर्जी शिक्षक-शिक्षिकाओं से रिकवरी करेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक अन्य फर्जी शिक्षकों के नाम रिकवरी आगणन के लिए शासन से नहीं आए हैं। यदि इस तरह की सूची शासन से प्राप्त कराई जाएगी तो उसका भी आगणन कर रिपोर्ट भेजेंगे।
—-वर्जन
शासन से रिकवरी के लिए एटा जनपद में सिर्फ पांच फर्जी शिक्षक-शिक्षिकाओं के नाम की सूची में शामिल किए गए हैं। उनका आगणन तैयार करने के लिए उन्होंने लेखाकार को निर्देश दे दिए हैंंं। उन्होंने आगणन रिपोर्ट तैयार का शासन को भेजी है। वसूली की कार्रवाई शासन स्तर से की जानी है।
संजय सिंह, बीएसए, एटा
अंशुल शर्मा राष्ट्रीय जजमेंट संवाददाता अलीगंज एटा ✍️

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