यूपी डीजीपी ने महिला पुलिसकर्मी के काम के प्रति समर्पण की तारीफ की

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झांसी कोतवाली में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात अर्चना की बच्चे को डेस्क पर लिटा कर काम करती महिला पुलिस कर्मी की तस्वीर वायरल हो गई थी।
लोगों ने अर्चना की काफी तारीफ की थी। अर्चना के पति बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं।
झांसी में एक महिला सिपाही के छह माह की बच्ची के साथ लगातार ड्यूटी करने का फल मिल गया। काम के प्रति उसके समर्पण को देखते हुए
डीजीपी ओपी सिंह ने इस महिला सिपाही को उसके घर आगरा के पास पोस्टिंग देना का आश्वासन दिया। अब सिपाही अर्चना को उसके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेगी।
वह सुबह घर से अपनी बेटी के साथ कोतवाली आती हैं, जहां वह बेटी की देखरेख के साथ-साथ ड्यूटी भी करती हैं। अर्चना का कहना है कि इसमें उन्हें काफी परेशानी आती है।
सुबह-सुबह घर में काम करना पड़ता है। अगर थोड़ा भी लेट हो जाए तो उन्हें डर सताता है। अर्चना ने कहा कि उनकी दो बेटी है।
एक बेटी को सास-ससुर देखते हैं. छोटी बेटी की उम्र अभी 6 माह है। छोटी बेटी उनके साथ रहती है।
तस्वीर के वायरल होने के बाद पुलिस के तमाम अफसरों ने जहां अर्चना की कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया।
ड्यूटी के दौरान नन्ही बच्ची के साथ फोटो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने उनकी तारीफ की।
डीजीपी ओपी सिंह ने अर्चना के काम करने के तरीके को प्रेरक बताया है और उनसे बात भी की है।
सिंह ने उन्हें 21वीं सदी की महिला का बेहतरीन उदाहरण बताया है। वहीं कई लोगों ने इस तस्वीर के माध्यम से यूपी पुलिस में क्रेच की सख्त जरूरत की ओर इशारा किया।
झांसी पुलिस के आईजी सुभाष बघेल ने भी अर्चना की तारीफ करते हुए कहा कि वह दोनों कर्तव्य एक साथ निभा रही हैं और
किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने अर्चना को हजार रुपए नकद का ईनाम दिया है।
महिला सिपाही से बातचीत के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने उनके ट्रांसफर का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही डीजीपी ने प्रदेश की हर पुलिस लाइन में क्रेच की स्थापना की जरूरत बताई।
डीजीपी ने महिला सिपाही से बात कर आश्वासन दिया कि अर्चना को उनके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेगी। 
डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार को अर्चना से बात की और उसका हौसला बढ़ाया।
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उन्होंने ट्वीट किया कि इस मां ने हमें हर पुलिस लाइंस में पालनाघर खोलने के लिए प्रेरित किया है। 

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