यूपी के सभी शहरी और ग्रामीण निकायों में खुलेगी गोशाला, CM योगी

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लखनऊ। अब यूपी के सभी शहरी व ग्रामीण निकायों में अस्थाई गोशाला खोली जाएगी। सरकार ने यह निर्णय छुट्टा गोवंश के संवर्धन व उनके संरक्षण के चलते लिया है।
मंगलवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में गोशाला की स्थापना के साथ ही चार अन्य प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
अब यूपी पुलिस और फायर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपंगता का शिकार होने पर आर्थिक मदद दी जाएगी।
योगी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बैठक में पांच प्रस्ताव रखे गए थे। सभी को मंजूरी मिल गई है।
सरकार ने सभी निकाय के साथ ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत, नगरपालिका, नगर पंचायत और नगर निगमों में आस्थाई गोशाला खोलने का निर्णय लिया है।
योगी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बैठक में पांच प्रस्ताव रखे गए थे। सभी को मंजूरी मिल गई है। सरकार ने सभी निकाय के साथ ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत, नगरपालिका, नगर पंचायत और नगर निगमों में आस्थाई गोशाला खोलने का निर्णय लिया है।
मंत्री शर्मा ने बताया कि, अब यूपी पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्तव्य पालन के दौरान घटना घटित होने से अपंग होने पर आर्थिक मदद दी जाएगी।
70-79 प्रतिशत विकलांगता में 15 लाख, 50-69 प्रतिशत में दस लाख तथा 80-100 प्रतिशत में 28 लाख रुपए दिया जाएगा।
अब ऐसी किसी भी घटना पर एफआईआर होगी। मेडिकल विभाग विकलांगता की रिपोर्ट देगा। इसके आधार पर सहयोग राशि दी जाएगी।
सरकार ने यूपी सतर्कता अधिष्ठान के दस सेक्टरों लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानुपर, झांसी, आगरा, बरेली और मेरठ को थाने में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है।
अभी जिस मामले में विजिलेंस जांच करता है, उससे संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। अब विजिलेंस अपने थाने में ही एफआईआर कर सकेगा।
यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में निदेशक/सचिव की भर्ती के लिए पहले डिजाइन विश्व विद्यालय या इंस्टीट्यूट में 20 वर्ष का कार्य अनुभव होता था। इसे घटाकर 15 वर्ष कर दिया गया है।
आवेदन के लिए आयु पहले 57 वर्ष तक थी। अब इसे घटा कर 45 से 55 वर्ष कर दिया गया है। चयन कमेटी में निफ्ट के भी विशेषज्ञ होंगे।
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कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर से जुड़े मामले में जिले स्तर पर विशेषीकृत मोटर दुर्घटना अधिकरण स्थापित होगी। इसके लिये 23.73 करोड़ होंगे। एडीजे के स्तर पर कोर्ट बनेगी।

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