गाजीपुर हिंसा मे शहीद पुलिसकर्मी का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

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प्रतापगढ़। गाजीपुर जिले में शनिवार देर रात को भीड़ की ओर से किए गए पथराव में शहीद हुए पुलिसकर्मी सुरेश वत्स का सोमवार को प्रयागराज में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मौके पर एडीजी समेत कइ्र वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इधर, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि पुलिसकर्मी की मौत एक दुखद घटना है। इस मामले को कानून व्यवस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना में तुरंत कदम उठाया था।
इस बीच शहीद सुरेश कुमार वत्स का पार्थिव शरीर रविवार देर रात यहां पहुंचा। यहां से सोमवार सुबह परिजन उनके पार्थिव शरीर को लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
प्रयागराज में ही शाम तक उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इधर शहीद सुरेश की बेटी ने कहा, ” हमे न्याय चाहिए और दोषी लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। डयूटी से लौटने के बाद उन्होंने पिता को टारगेट क्यों किया।”
गाजीपुर में आरक्षण की मांग कर रही भीड़ ने शनिवार शाम एक पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया था। इसमें एक सिपाही सुरेश वत्स की मौत हो गई थी। यह हादसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के कुछ घंटों बाद हुआ। मामले में 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
निषाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर अठवा मोड़ चौराहे पर जाम लगा लिया। इसी वक्त मोदी की रैली खत्म हुई थी।
रैली में आईं गाड़ियां मुहम्मदाबाद की ओर जा रही थीं। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने निषाद समाज के लोगों को वहां से हटाने का प्रयास किया। तभी भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
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पथराव में हेड कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स जख्मी हो गए। अस्पताल जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। वत्स प्रतापगढ़ के लक्षीपुर-रानीपुर के रहने वाले थे और करीमुद्दीनपुर थाने में पदस्थ थे।
भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारे गए सिपाही के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया था।

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