Honey trap case: Policeman, a fake journalist including woman included
जबलपुर। इससे पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में तूफान मचाने वाला हनीट्रैप कांड काफी चर्चा में रहा है। ये रैकेट वीआईपी लोगों के आगे युवा लड़कियों को चारा बनाकर जाल बिछाने और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने का काम कर रहा था। कुछ ऐसा ही दिखामध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में जहां हनी ट्रैप रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। दरअसल एक व्यक्ति ने जबलपुर पुलिस इस बात की शिकायत की कि उसे एक महिला के जरिए फसाने की साजिश रची गई है जहां उसे थाने बुलाकर झूठी छेड़छाड़ के मामले मेंं फंसाने की धमकी दी जा रही है। जबकि आरोपी मामले से बचने के लिए 15000 की डिमांड कर रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक एक युवक ने थाने में इस बात की शिकायत की कि वह घटना वाले दिन जब घर में अकेला था तब एक अपरिचित उसके घर आया और उसने अपना परिचय एक पत्रकार के रूप में देते हुए एक तथाकथित महिला के बारे में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। और इस पूरे मामले से बचाने के बज में रुपयों की डिमांड की जब युवक ने मना कर दिया तो वहां से चला गया हर कुछ ही देर में दो पुलिस कर्मियों के साथ युवक फिर से घर आया इस बार उसे थाने बुलाया गया।
बता दें कि पीड़ित युवक ने बताया कि जब वह थाने पहुंचा तो वहां वह महिला कथित पत्रकार समेत दो पुलिसकर्मी पहले से ही मौजूद थे पुलिस थाना परिसर में उसे बताया गया कि उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया जा रहा है जहां एफआईआर नहीं दर्ज करने की एवज में 15000 में सौदा तय हुआ जिसमें से 10,000 तत्काल नगद दिए गए जबकि 5000 रुपए रविवार को देने की बात कही गई परंतु वह पैसे देने की वजह सीधे पुलिस के पास जा पहुंचा और शिकायत कर दी। शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में सही घटना के बारे में जांच पड़ताल कर रही है। क्या कारण था कि इतने बड़े शहर में इस युवक को शिकार बनाया गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस अब कई पहलुओं पर जांच कर रही है प्राथमिक तौर पर जांच में पुलिस को लगा कि शायद यह हनी ट्रैप से जुड़ा मामला हो सकता है। हनी ट्रैप के मामलों में ब्लैक मेलिंग की रकम हमेशा काफी ज्यादा होती है परंतु इसमें मात्र 15000 रुपए की डिमांड की गई, एक सवाल का जवाब और पता करना है कि क्या केवल दोनों पुलिस कर्मचारी ही रैकेट में शामिल है या फिर पूरा पुलिस थाना।

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