Recovery rate of corona infection is 78 percent, but corona vaccine likely to be available to all by 2024
कोरोना महामारी को लेकर सरकार कोई भी आश्वासन दे लेकिन वास्तविकता से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता। कोरोना संक्रमण से बचने का एक मात्र उम्मीद कोरोना वैक्सीन है। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी चार वर्ष के बाद कोरोना वैक्सीन सबके लिए सुलभ हो सकती है।
दुनिया में सबसे अधिक वैक्सीन बनाने वाली भारत की कम्पनी सीरम इन्स्टिच्यूट आफ इंडिया के अध्यक्ष अदार पुनावाला का कहना है कि दवा कम्पनियां वर्तमान परिस्थिति में अपना उत्पाद नहीं बढा सकती, जिसके कारण सभी लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने में चार वर्ष से अधिक समय लगेगा।
सबके लिए वैक्सीन डोज उपलब्ध कराने के लिए 15 अरब डोज चाहिए। इतनी अधिक मात्रा में वैक्सीन कम समय में तैयार करना असंभव है। उल्लेखनीय है, पुना में स्थित सीरम इन्स्टिच्यूट दुनिया की पांच इंटरनेशनल दवा बनाने वाली कम्पनियों के साथ कोरोना वैक्सीन बनाने का करार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए विविध कम्पनियों के बीच
स्पर्धा चल रही है। जिनमें रुस की की कम्पनी ने सबसे पहले वैक्सीन बनाने का दावा किया है। लेकिन इसे अभी अन्य देशों में स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसा आरोप लगाया गया है कि तीसरे चरण के परीक्षण के पहले ही रुस की सरकार ने इसे मान्यता दे दिया है। वैक्सीन बनाने में चीन भी आगे है, ऐसा माना जाता कि चीन ने वैक्सीन तैयार भी कर लिया है तथा उसके सीमित उपयोग की स्वीकृति भी मिल गई है।
अमेरिका के मॉडल कम्पनी में निर्मित वैक्सीन का तृतीय स्तर के टेस्ट जुलाई से चल रहा है तथा उसके परिणाम का इंतजार है। भारत में हैदराबाद की कम्पनी ने को – वैक्सीन तैयार की है,जिसका प्राणियों पर किया गया टेस्ट सफल हो गया है सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि अब तक देशी या विदेशी किसी भी कम्पनी ने बाजार में वैक्सीन उपलब्ध कराने की निश्चित तारीख नहीं दी है।
कोरोना महामारी ने इस बात का संकेत दे ही दिया है कि लापरवाही करने पर इस रोग से कोई भी व्यक्ति विना किसी भेद भाव के संक्रमित हो सकता। लोकसभा के मानसून सत्र में पहले ही दिन 30 सांसदों का कोरोना पाजिटिव मिलना, महामारी की भयावह स्थिति को दर्शाता है। देश में अब प्रतिदिन कोरोना से प्रभावित होने वाले मरीजों की संख्या 92 हजार को पार कर गया है।
अब तक पूरे देश में 48.5 लोग कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। वर्तमान परिदृश्य में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 9.87 लाख है ,जिनमें 60 प्रतिशत मरीज केवल पाच राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के है। इनमें सबसे अधिक मरीजों की संख्या 22 प्रतिशत महाराष्ट्र की तथा सबसे कम उत्तर प्रदेश का 6.4 प्रतिशत है।
प्रतिदिन मरने वालों की संख्या 1140 की है, जिसमें 53 प्रतिशत हिस्सेदारी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे तीन राज्यों की है। इन विषम परिस्थिति में सरकार की ओर से जारी सूचनाओं में एक ही सुखद समाचार है कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों का दर 78 प्रतिशत हुआ है।
सरकार ने कोरोना टेस्ट की संख्या भी बढा दी है। गत रविवार को 9.79 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था। भारत के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अनुसार देश में प्रत्येक दस लाख जनसंख्या पर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 3328 है, जबकि मरने वालों की संख्या 55 है।
रिपोर्ट – ओमप्रकाश यादव अहमदाबाद गुजरात

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