आज का राशिफल और पंचांग 16 सितंबर 2020

0 16
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
राजमान व यश में वृद्धि होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय होगा। सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। काफी समय से लंबित कार्यों में गति आएगी। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🐂वृष
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। निवेशादि शुभ रहेंगे। उत्साह में वृद्धि होगी।
👫मिथुन
राजभय रहेगा। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। कुसंगति से बचें। हानि होगी। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।
🦀कर्क
वैवाहिक प्रस्ताव विवाह के उम्मीदवारों का इंतजार कर रहा है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। अनहोनी की आशंका रह सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🐅सिंह
सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। थोड़े प्रयास से ही रुके काम बनेंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकती है।
🙎‍♀️कन्या
परिवार के छोटे सदस्यों की अध्ययन तथा स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश संभव है। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। लाभ में कमी रहेगी। उत्साह की कमी महसूस करेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।
⚖️तुला
सुख के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। अज्ञात भय रहेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचारों की प्राप्ति से प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम करने की इच्छा प्रबल होगी।
🦂वृश्चिक
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पस्त होंगे। उनकी एक नहीं चलेगी। किसी मांगलिक-आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। हल्की हंसी-मजाक से बचें। कार्यक्षेत्र में उत्साह व प्रसन्नता बनी रहेगी।
🏹धनु
शत्रु सक्रिय रहेंगे। सावधानी आवश्यक है। घर-परिवार की चिंता रहेगी। चोट व रोग से बचें। कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करे। भूमि व भवन संबंधी कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। यात्रा संभव है।
🐊मकर
दुष्टजनों से सावधान रहें। शारीरिक कष्ट से बाधा तथा हानि संभव है। बेचैनी रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में मातहतों का साथ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।
🍯कुंभ
विवेक से कार्य करें। सुख के साधन जुटेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में सहकर्मी विशेषकर महिला वर्ग से लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। किसी बात का विरोध हो सकता है। कष्ट व भय बने रहेंगे।
🐟मीन
शत्रु कोई बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाहन व मशीनरी के कार्यों में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। समय पर किसी कार्य का भुगतान नहीं कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय साधारण रहेगा।
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*दिनाँक -: 16/09/2020,बुधवार*
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
आश्विन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि ——–चतुर्दशी 19:56:10 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ————मघा 12:19:37
योग ————-सिद्ध 07:39:24
योग ————-साध्य 27:53:06
करण ——विष्टि भद्र 09:31:26
करण ———शकुनी 19:56:10
वार ————————–बुधवार
माह ————————-आश्विन
चन्द्र राशि ———————सिंह
सूर्य राशि ——–सिंह 19:06:33
सूर्य राशि ——————-कन्या
रितु —————————–वर्षा
आयन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942
वृन्दावन
सूर्योदय —————–06:06:08
सूर्यास्त —————–18:21:16
दिन काल ————- 12:15:07
रात्री काल ————-11:45:19
चंद्रास्त —————–17:58:10
चंद्रोदय —————–29:38:39
लग्न —-सिंह 29°28′ , 149°28′
सूर्य नक्षत्र ——–उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र ——————-मघा
नक्षत्र पाया ——————-रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
मू —-मघा 06:53:48
मे —-मघा 12:19:37
मो —-पूर्वाफाल्गुनी 17:43:43
टा —-पूर्वाफाल्गुनी 23:06:16
टी —-पूर्वाफाल्गुनी 28:27:25
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
========================
सूर्य=सिंह 29°52 ‘ उ o फा o , 1 टे
चन्द्र = सिंह 09°23 ‘ मघा ‘ 3 मू
बुध = कन्या 21°57 ‘ हस्त ‘ 4 ठ
शुक्र= कर्क 16°55, पुष्य ‘ 4 ड
मंगल=मेष 03°30’ अश्विनी ‘ 2 चे
गुरु=धनु 23°22 ‘ पू oषा o , 3 फा
शनि=मकर 01°43’ उ oषा o ‘ 2 भो
राहू=मिथुन 00°30 ‘ मृगशिरा , 3 का
केतु=धनु 00 ° 30 ‘ मूल , 1 ये
*🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩*
राहू काल 12:14 – 13:46 अशुभ
यम घंटा 07:38 – 09:10 अशुभ
गुली काल 10:42 – 12:14 अशुभ
अभिजित 11:49 -12:38 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:49 – 12:38 अशुभ
🚩गंड मूल 06:06 – 12:20 अशुभ
💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:06 – 07:38 शुभ
अमृत 07:38 – 09:10 शुभ
काल 09:10 – 10:42 अशुभ
शुभ 10:42 – 12:14 शुभ
रोग 12:14 – 13:46 अशुभ
उद्वेग 13:46 – 15:17 अशुभ
चर 15:17 – 16:49 शुभ
लाभ 16:49 – 18:21 शुभ
🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:21 – 19:49 अशुभ
शुभ 19:49 – 21:18 शुभ
अमृत 21:18 – 22:46 शुभ
चर 22:46 – 24:14* शुभ
रोग 24:14* – 25:42* अशुभ
काल 25:42* – 27:10* अशुभ
लाभ 27:10* – 28:38* शुभ
उद्वेग 28:38* – 30:07* अशुभ
💮होरा, दिन
बुध 06:06 – 07:07
चन्द्र 07:07 – 08:09
शनि 08:09 – 09:10
बृहस्पति 09:10 – 10:11
मंगल 10:11 – 11:12
सूर्य 11:12 – 12:14
शुक्र 12:14 – 13:15
बुध 13:15 – 14:16
चन्द्र 14:16 – 15:17
शनि 15:17 – 16:19
बृहस्पति 16:19 – 17:20
मंगल 17:20 – 18:21
🚩होरा, रात
सूर्य 18:21 – 19:20
शुक्र 19:20 – 20:19
बुध 20:19 – 21:18
चन्द्र 21:18 – 22:16
शनि 22:16 – 23:15
बृहस्पति 23:15 – 24:14
मंगल 24:14* – 25:13
सूर्य 25:13* – 26:11
शुक्र 26:11* – 27:10
बुध 27:10* – 28:09
चन्द्र 28:09* – 29:08
शनि 29:08* – 30:07
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 14 + 4 + 1 = 34 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*💮 शिव वास एवं फल -:*
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
प्रातः 09:08 तक समाप्त
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
* चतुर्दशी श्राध्द
* सूर्ये कन्या 19:07 पर
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
अनन्तंशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः
अल्पं च कालो बहुविघ्नता च ।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं,
हंसो यथा क्षीरमिवम्बुमध्यात् ।।
।।चा o नी o।।
शास्त्रों का ज्ञान अगाध है. वो कलाए अनंत जो हमें सीखनी छाहिये. हमारे पास समय थोडा है. जो सिखने के मौके है उसमे अनेक विघ्न आते है. इसीलिए वही सीखे जो अत्यंत महत्वपूर्ण है. उसी प्रकार जैसे हंस पानी छोड़कर उसमे मिला हुआ दूध पी लेता है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08
अभ्यासयोगयुक्तेन चेतसा नान्यगामिना ।,
परमं पुरुषं दिव्यं याति पार्थानुचिन्तयन्‌ ॥,
हे पार्थ! यह नियम है कि परमेश्वर के ध्यान के अभ्यास रूप योग से युक्त, दूसरी ओर न जाने वाले चित्त से निरंतर चिंतन करता हुआ मनुष्य परम प्रकाश रूप दिव्य पुरुष को अर्थात परमेश्वर को ही प्राप्त होता है॥,8॥,
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
*आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)*
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More