सरकार ने आगरा और गाजियाबाद समेत कुल 10 अन्य शहरों के सीवर नेटवर्क के प्रबंधन,
संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी चेन्नई की कंपनी ‘वी ए टेक वाबाह लिमिटेड’ को सौंपी है।
इस कंपनी द्वारा अगामी 10 वर्षों तक इन सभी शहरों में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)
व इससे संबंधित अन्य संसाधनों के संचालन व रखरखाव की व्यवस्था संभाली जाएगी।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की  मौजूदगी में शुक्रवार को कंपनी के प्रतिनिधियों व नगर विकास विभाग,
जल निगम और संबंधित नगर निकायों के अधिकारियों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।

दरअसल सीवरेज व गंदे नालों के गिरने से नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने शासन को प्रस्ताव दिया था
कि ‘एक सिटी एक ऑपरेटर’ के सिद्धांत पर  लखनऊ,
गोरखपुर आगरा व गाजियाबाद को चार जोन में बांटते हुए
इसमें आने वाले सभी शहरों में सीवर नेटवर्क से एसटीपी के संचालन,
प्रबंधन व रखरखाव की जिम्मेदारी निजी हांथों में सौंप दिया जाए।

गोरखपुर जोन में अयोध्या व सुल्तानपुर को शामिल किया गया है,

जबकि लखनऊ व आगरा को स्वतंत्र रखा गया है।
इसी तरह गाजियाबाद जोन में पिलखुआ, लोनी, अनूप शहर, बिजनौर,
रामपुर, मेरठ, मुजफ्फर नगर और सहारनपुर को रखा गया है।

जोन में शामिल सभी शहरों में एसटीपी व उससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के रखरखाव का काम

दीर्घकालिक (अधिकतम 10 वर्ष तक के लिए) अवधि के लिए निजी हांथों को सौंपने के फैसले के
तहत पिछले महीनें लखनऊ के सीवर नेटवर्क का प्रबंधन हारियाणा की कंपनी को सौंपा गया है।

इसी कड़ी में अब आगरा के अलावा गाजियाबाद जोन में शामिल सभी शहरों के सीवरेज नेटवर्क के

प्रबंधन का काम चेन्नई की कंपनी को सौंपा गया है।
कंपनी द्वारा एसटीपी व उससे संबंधित मेन पंपिंग स्टेशन,
इंटर पंपिंग स्टेशन, सीवेज पंपिंग स्टेशन, नाला टैपिंग, इन्फ्रास्ट्रक्टर
और सीवरेज नेटवर्क व्यवस्था की रखरखाव व प्रबंधन किया जाएगा।

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह और कंपनी के सीईओ पंकज सचदेवा के अलावा

संबंधित नगर निकायों के नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारियों व जल निगम के एमडी विकास गोठवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के मुख्य अभियंता आरके चौधरी समेत व मीडिया कोआर्डिनेटर पीके सरकार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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सरकार हर साल करेगी 147 करोड़ खर्च
आगरा व गाजियाबाद जोन में शामिल शहरों के

सीवर नेटवर्क के प्रबंधन करने के बदले सरकार को संबंधित कंपनी को सलाना करीब 147.7  करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
इसमें आगरा के लिए 42.80 करोड़ और गाजियाबाद जोन के लिए 104.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कंपनी द्वारा आगरा जोन में आने वाले 180 एमएलडी की क्षमता वाले कुल 7 एसटीपी
(धनधुपुरा की दो, पीलाखर, भूरी का नगला, जगनपुर, भीमनगरी, बिचपुरी)
और 910.55 किमी. सीवर नेटवर्क का प्रबंधन किया जाएगा।
जबकि गाजियाबाद जोन में शामिल  लोनी, पिलखुवा,
मेरठ, सहारनपुर,अनूपशहर, रामपुर, मुजफ्फरनगर
व बिजनौर शहरों कुल 14 एसटीपी के अलावा करीब 2794.29 किमी सीवर नेटवर्क का प्रबंधन किया जाएगा।

जल निगम का प्रबंधन कारगर नहीं था इसलिए व्यवस्था निजी हाथों में सौपा: टंडन

इस मौके पर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने
कहा कि अभ तक सीवर नेटवर्क और एसटीपी के प्रबंधन की जिम्मेदारी जल निगम के पास थी,
लेकिन जल निगम का प्रबंधन कारगर नहीं था।
इसलिए सरकार ने यह व्यवस्था निजी हांथों में सौपने का निर्णय लिया है।
उन्होंने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए
कहा कि आप लोगों से सरकार को बहुत अपेक्षा है,
इसलिए अगले छह महीने के भीतर सीवरेट नेटवर्क केप्रबंधन में बदलाव दिखनी चाहिए
Qs666677777और इसका असर नदियों के पानी पर भी दिखाई देना चाहिए।

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