इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या में सेना के जवान पर शक, SIT की टीम जम्मू रवाना

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बुलंदशहर। तीन दिसंबर को स्याना इलाके के चिंगरावठी गांव में कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध व गांव के युवक सुमित की मौत हुई थी।
इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मामले में यूपी पुलिस सेना के जवान की भूमिका की जांच कर रही है। डीजीपी के प्रवक्ता आरके गौतम ने बताया कि एक वीडियो वायरल हो रहा है और
इसमें जीतू नाम का जवान कट्टे के साथ दिखाई दे रहा है। शक है कि यह घटनास्थल पर मौजूद था।जीतू वारदात के बाद अपनी यूनिट के लिए जम्मू रवाना हो गया। यूपी की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम ने सेना के अधिकारियों से बातचीत के बाद एक टीम जम्मू रवाना की है।
डीजीपी के पीआरओ आरके गौतम ने बताया कि आरोपी फौजी का नाम एफआईआर में दर्ज है। वायरल वीडियो में फौजी को कट्‌टे के साथ देखा गया है। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। गुरुवार रात पुलिस ने चिंगरावठी स्थित इस फौजी के घर दबिश दी।
बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी को लेकर हिंसा फैली थी। आरोप है कि इसकी अगुआई बजरंग दल के नेता योगेश राज ने की थी। पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं।
पहली एफआईआर योगेश की शिकायत पर गोकशी की है। इसमें सात लोगों के नाम हैं। वहीं, दूसरी एफआईआर हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में दर्ज की गई है।
इसमें 27 के नाम हैं, 60 से ज्यादा अज्ञात हैं। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि चार को हिरासत में लिया गया है।
आरोपी की मां ने पुलिस पर जांच के बहाने घर में उपद्रव मचाने व घर की महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर मेरे बेटे ने इंस्पेक्टर को गोली मारी है तो उसे गोली मार दो।
आईजी एसके भगत ने बताया कि बुलंदशहर हिंसा के मामले में शुक्रवार को पांच गिरफ्तारी और हुई है। इनमें चन्द्र, रोहित, सोनू, नितिन, जितेंद्र शामिल हैं। इनकी पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर हुई है।
इनके नाम एफआईआर में नहीं थे। अब तक कुल 9 गिरफ्तारी हो चुकी है। जीतू फौजी पर नामजद एफआईआर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो टीम जम्मू गई है।
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अभी नहीं पता चल पाया है कि इंस्पेक्टर सुबोध को किसने गोली मारी थी। एसआईटी की जांच में साफ हो जाएगा।

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