Progressive party district president arrested in illegal arms supply
हापुड़ पुलिस ने दिल्ली से मुरादाबाद तथा सहारनपुर से अलीगढ़ तक अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बदमाशों से 11 पिस्टल, 21 तमंचे तथा अधबने हथियार और फैक्टरी के उपकरण भी बरामद हुए हैं। इस गैंग का सरगना बुलंदशहर का नावेद पठान है, जो प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष भी रहा है। उधर, मेरठ पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 24 घंटे का महाअभियान चलाया और 140 अपराधियों की धरपकड़ की गई। 239 असलहा बरामद किए गए और सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए। तीन तमंचा फैक्ट्री भी पकड़ी गई है। इनमें से एक आरोपी फुरकान पर पूर्व में सवा लाख रुपये का ईनाम भी रह चुका है।
सूचना पर हापुड़ पुलिस ने की कार्रवाई 
हापुड़ के एसपी संजीव सुमन ने बताया कि थाना बहादुगढ़ पुलिस और एसओजी द्वितीय ने सूचना के अधार पर बहादुगढ़ में मुठभेड़ के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बदमाश मौका पाकर फरार हो गए। पूछताछ पकड़े गए हथियार तस्करों ने अपना नाम गालिब खां मोहल्ला कस्बा कोट थाना बहादुरगढ़, नवेद अहमद खां निवासी मोहल्ला बाराहदरी बुगरासी नरसैना बुलंदशहर, रिजवान निवासी फतेहउल्लापुर रोड जाकिर कालोनी मेरठ, रहीसुद्दीन सैफी पुत्र सद्दीक निवासी खड़ौली थाना कंकरखेड़ा हॉल निवासी समर गार्ड कालोनी बर्फखाने के पास मेरठ बताया है। जबकि फरार आरोपियों के नाम निखिल निवासी ग्राम सेहल बहादुरगढ़ और दिलशाद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी शौकत कालोनी मेरठ बताया है।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष रहा है नवेद पठान
बुलंदशहर के बुगरासी के मोहल्ला हुसैनखेल निवासी जमील खां के तीन पुत्रों में सबसे बड़े नवेद पठान राजनीति में भी सक्रिय रहा है। रालोद का जिला उपाध्यक्ष रहने के दौरान नवेद पठान ने भाकियू का दामन थाम लिया। कस्बा व आसपास क्षेत्र में होने वाली सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ-साथ नवेद पठान को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष बना दिया गया था। जिसके चलते 2019 में शिवपाल यादव ने नोएडा लोकसभा सीट से नवेद पठान का नाम प्रत्याशी के रूप में घोषित कर दिया था।
मेरठ में बना रखी है हथियार बनाने की फैक्ट्री
हापुड़। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि गालिब खां बहादुगढ़ क्षेत्र में हथियारों की डील करता था। जबकि नावेद गैंग का मुख्य सरगना हैं। गैंग पिस्टल, तमंचे और राइफल की ऑन डिमांड बनाते थे। पुलिस ने बताया कि हथियार तस्करों द्वारा हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और अलीगढ़ सहित कई जनपदों में हथियारों की सप्लाई की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने हथियार बनाने की फैक्ट्री मेरठ में हैं। इसके अलावा दो फैक्ट्री और लगाने का प्लान था। पंचायत चुनावों को देखते हुए मांग अधिक बढ़ने के कारण हथियार बनाने का भी काम जोरों पर चल रहा था।

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