बीमार पिता का इलाज कराने के लिए बन गया लूटेरा

0 10
कानपुर,। बीमार मां के लिए बेटा मेडिकल स्टोर पर दवा लेने जाता है लेकिन पैसे पूरे न होने वजह से जब कोई रास्ता नजर नहीं आता है तो वह जरायम की दुनिया में कदम रख देता है।

 

कुछ ऐसी ही फिल्मी कहानी उन्नाव के आशीष की है। आशीष ने बीमार पिता के इलाज के लिए जरायम का पेशा अपना लिया। लुटेरों के गिरोह में शामिल होकर महज छह हजार रुपये ही हासिल कर पाया और पूरा इलाज न करा पाने से पिता की जान भी चली गई। अब पुलिस आशीष की तलाश कर रही है।
30 अक्टूबर की रात कल्याणपुर के विनायकपुर पंचवटी निवासी ओम प्रकाश सिंह छपेड़ा पुलिया स्थित किराने की दुकान से घर लौट रहे थे।
घर से चंद कदम पहले ही दो बाइकों पर आए तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा दिखाकर बैग छीनने लगे। विरोध पर एक लुटेरे ने तमंचे की बट सिर पर मारकर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद वे बैग लूटकर दूसरे छोर पर खड़े अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गए थे।
पुलिस को घटनास्थल के पास लगे एक कैमरे में पूरी घटना कैद मिली थी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मंगलवार सुबह छपेड़ा पुलिया के पास वारदात में शामिल चार लुटेरों को दबोच लिया।
इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों में छपेड़ा पुलिया निवासी टेंट कारीगर विवेक पासवान, पत्थर कारीगर अन्नू अग्निहोत्री, आकाश पासवान व बिजली मिस्त्री शिवम हैं।
आरोपित नशेबाजी का शौक पूरा करने के लिए लुटेरे बन गए। उनके अनुसार व्यापारी के बैग में 18 हजार रुपये थे। फरार आशीष व विपिन की तलाश की जा रही है।
पकड़े गए शातिरों ने पुलिस को बताया कि उन्नाव का युवक आशीष इसलिए उनके साथ लूट में शामिल हुआ, ताकि अपने बीमार पिता के इलाज का खर्च उठा सके।
व्यापारी के बैग में मिली रकम में से छह हजार रुपये आशीष को मिले थे।
यह भी पढ़ें: रामविलास पासवान असम से राज्यसभा भेजे जा सकते हैं
बाकी के पांच हिस्से कर दिए थे। लेकिन दो दिन पूर्व आशीष के पिता की मौत हो गई।

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More