Big disclosure: Asmita and Neelam were working together to deal with children drinking milk, children were sent to Nepal
दूध पीते बच्चों के सौदागर गैंग की सरगना फरीदाबाद की नीलम के सेविंग खाते में दो साल में 50 लाख रुपये जमा कराए गए। रकम को कुछ देर बाद ही खाते से निकाल लिया जाता था। पुलिस पता कर रही है कि जिन खातों से पैसा जमा कराया गया, वे किनके नाम पर हैं। 19 जून को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चेकिंग में पुलिस ने दो गाड़ियों में दो महिलाएं और तीन लोगों को पकड़ा। उनके पास तीन बच्चियां मिलीं। इन्हें बेचने के लिए नेपाल ले जाया जा रहा था। पकड़ी गई महिलाओं में कोख के सौदागर गैंग की सरगना फरीदाबाद के धीरज नगर की नीलम भी थी।
पुलिस ने शनिवार को नीलम को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। पूछताछ में उसके दो बैंक खातों की जानकारी मिली थी। इनमें एक खाता फरीदाबाद की पंजाब नेशनल बैंक का था। पुलिस ने खाते की जानकारी बैंक से मांगी थी। एसपी आरए प्रमोद कुमार ने बताया कि नीलम के खाते में वर्ष 2018 से फरवरी 2020 तक नौ बार चार-चार लाख रुपये आए। बाकी रकम 50 हजार से लेकर एक लाख तक कई बार में जमा कराई गई। नीलम कुछ दिन बाद ही ये रकम निकाल लेती। रकम किस बैंक की शाखा से, किसके खाते से जमा कराई गई इसकी जानकारी बैंक से मांगी है। एसपी आरए ने बताया कि नीलम ने वर्ष 2016 में सेरोगेसी का धंधा शुरू किया था। उसके सेविंग खाते की वर्ष 2016-17 तक की डिटेल भी निकलवाई जा रही है।
क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद विकास जायसवाल ने बताया कि नीलम से पूछताछ में गुरुग्राम के साईं सिद्धी यूरोलॉजी एंड मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल का नाम सामने आया था। सुनीता नाम की महिला की डिलीवरी इसी अस्पताल में कराई थी। फरीदाबाद पुलिस के नोटिस पर हॉस्पिटल संचालक डॉ. योगेश मंगलवार को बयान देने फतेहाबाद आए। उन्होंने बताया कि अस्पताल नवंबर, 2019 में ही खुला था। 16 मई को नीलम सुनीता को लेकर आई थी। उसने बताया था कि लॉकडाउन में फंस गए हैं। अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं। डॉ. नुपुर ने रेफर किया है। अस्पताल की डॉ. दिशा ने डिलीवरी कराई थी। सुनीता ने दो बच्चियों को जन्म दिया था। उनको गिर्राजजी शिशु अस्पताल में भर्ती कराया था। एक दिन बाद नीलम दोनों बच्चियों को ले गई थी। यह अस्पताल में दूसरी डिलीवरी हुई थी।
पुलिस का मानना है कि नीलम ने नौ महिलाओं की सरोगेसी कराई। पूछताछ में नीलम ने बताया था कि एक महिला के लिए नेपाल की अस्मिता उसे चार लाख रुपये भेजती थी। उसके खाते में चार लाख की रकम नौ बार आई थी।
नीलम ने सेरोगेसी के धंधे में दिल्ली की डॉ. नेहा, एजेंट मीना और राहुल के नाम बताए थे। पुलिस की एक टीम तीनों की तलाश में लगी है। फतेहाबाद पुलिस मुख्य सरगना अस्मिता की जानकारी जुटाने के लिए नेपाल पुलिस से संपर्क करेगी। जरूरत पड़ने पर एक टीम को नेपाल भेजा जाएगा।

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