Arnab goswami
इन दिनों भारतीय मीडिया की हैसियत सिर्फ चाटुकार के अलावा कुछ नहीं रहा है. बता दें कि लगभग ज्यादातर मीडिया की छवि इस तरह की हो गई है. न्युज एंकर आज कल खुद को जज समझने लगे है. चि’ल्ला चि’ल्ला कर अपनी बात लोगों के सामने रखते हैं. लेकिन वो ये भुल जाता हैं कि वो जज नहीं बल्कि एक न्युज रिपोर्टर है. और रिपोर्टर फर्ज ये है कि लोगों को खबरें दिखाए और सत्ता पक्ष से सवाल करे लेकिन इन दिनो भारतीय मीडिया का स्तर काफी गिर चूका है।
ऐसे ही न्युज एंकर जो खुद को देश का सबसे बड़ा पत्रकार मानने वाले ‘रिपब्लिक टीवी भारत’ चैनल के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी इन दिनों पुलिस स्टेशन और अदालतों का च’क्कर काट रहे हैं. उन्होंने समाज में नफरत और हिंदू मुसलमान की जो गं’द मचायी है, उससे बचने के लिए वो आये दिन अदालत का च’क्कर लगा रहे हैं।
लेकिन लगता है कि उनके दिन पूरे होने वाले है. विपक्ष और मुसलमानों को जेल की का’ली को’ठरी में डालने की कोशिश करने वाले अर्णब गोस्वामी खुद जल्द ही सला’खों के पीछे नजर आने वाले हैं. आपको बता दें अक्षता नाइक नाम की एक महिला सामने आयी हैं।
महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इंसाफ की गुहार लगायी है. 48 वर्षीय अक्षता नाइक ने बताया कि 5 मई 2018, को उनके पति अनवय नाइक और उनकी सास ने रिपब्लिक टीवी के मालिक और संपादक अर्णब गोस्वामी के मा’नसिक अ’त्याचार के चलते आत्मह’त्या कर ली थी।

बता दें महिला के पति अनवय नाइक पेशे से एक इंटीरियर डिजाइनर थे. वो कॉनकॉर्ड डिज़ाइन्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर थे. उनकी कंपनी ने ही रिपब्लिक टीवी का स्टूडियो बनाया था. अक्षता नाइक के मुताबिक, काम पूरा हो जाने के बाद अर्णब की कंपनी को उन्हें एक मोटी रकम का भुगतान करना था।

लेकिन उन्होंने न सिर्फ पैसे देने से इनकार कर दिया, बल्कि उन्हें मानसिक रुप से इतना प्रताड़िता किया कि अनवय नाइक और उनकी मां ने महाराष्ट्र के अलीबाग के कवीर पार्क स्थित अपने फार्म हाउस में आत्मह’त्या कर ली।
पुलिस को आ’त्मह#त्या स्थल से सु’सा’इड नोट भी मिला था, जिसमें रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी और दो अन्य लोगों फ़िरोज़ शेख और नितिश सारडा के ऊपर उन्हें खुदकु’शी करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।
हलाकि दो साल पहले हुए इस हाद’से की टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्टिंग की थी. अखबार में छपी खबर के मुताबिक रायगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अनिल पारस्कर ने कहा, नाइक के सुसाइ-ड नोट में अर्णब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितीश शारदा के अलीबाग पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया था।
लेकिन उसके बाद इस मामले का क्या हुआ. कुछ पता नहीं चला. उस वक्त राज्य में देवेंद्र फडणवीस की सरकार थी. बीजेपी देवेंद्र फडणवीस और अर्णब गोस्वामी का संबंध सभी जानते हैं।
अक्षता दो साल के बाद अपने पति और सास के मामले को लेकर सामने आयी हैं. वो दुनिया से इंसाफ मांग रही है. उनका कहना है कि अर्णब गोस्वामी और जिन लोगों ने उनके पति और सास को जा’न देने के लिए मजबूर किया, उन्हें स’जा मिलनी चाहिए।

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