आयकर विभाग ने चांदनी चौक में छापा मारकर हवाला रैकेट का किया पर्दाफाश, मिले तहखानों में 180 बेनामी लॉकर्स

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नई दिल्ली. सूत्रों ने न्‍यूज एजेंसी ‘ANI’ को बताया कि फिलहाल 5 लॉकरों को ही खोला गया है। इनमें से 5.4 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। आयकर विभाग के अभियान में अब तक 30.4 करोड़ रुपया बरामद किया जा चुका है। IT विभाग के सूत्रों पर भरोसा करें तो अभी 175 लॉकरों को खोला जाना बाकी है। ऐसे में बेनामी लॉकरों में जमा राशि के बारे में अनुमान लगाना भी मुश्किल है।
देश की राजधानी दिल्‍ली के सबसे व्‍यस्‍ततम इलाकों में से एक चांदनी चौक इन दिनों सुर्खियों में है। आयकर विभाग (IT) ने चांदनी चौक में छापा मारकर हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया है। यहां तहखानों में 180 बेनामी लॉकर्स का पता चला है। IT विभाग अब तक करोड़ों रुपया जब्‍त कर चुका है।
बताया जाता है कि इन लॉकरों में खासकर गुटका, केमिकल और ड्राई फ्रूट्स कारोबारियों के पैसे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, IT को 28 अक्‍टूबर को हवाला रैकेट के बारे में पुख्‍ता सूचना मिली थी। इसके बाद दिल्‍ली में आठ ठिकानों पर छापा मारा गया। चांदनी चौक के खारी बावली स्थित राजहंस मिल्‍स और नया बाजार स्थित कुछ ठिकाने भी शामिल हैं।
वर्ष 2016 में बेनामी कानून के अमल में आने के बाद से यह पहला मौका है जब IT ने इतने बड़े पैमाने पर बेनामी लॉकर्स का पता लगाया है। चांदनी चौक हवाला रैकेट के गढ़ के तौर पर जाना जाता है। चांदनी चौक में होने वाली हवाला संबंधी गतिविधियों पर करीब से नजर रखने वाले कारोबारी बताते हैं कि

नोटबंदी के वक्‍त भी यहां चलने वाले हवाला कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ा था। बड़ी तादाद में लॉकर्स मिलने पर केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड के अध्‍यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा था कि इन लॉकर्स का केवाईसी नहीं कराया गया था।
चांदनी चौक से चलने वाले हवाला रैकेट के बारे में जानकारी रखने वाले एक कारोबारी ने चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि यहां से चलने वाले हवाला रैकेट के तार देश के सभी हिस्‍सों से जुड़े हैं। पिछले साल एक टीवी चैनल ने इसको लेकर स्टिंग ऑपरेशन भी किया था। हवाला में संलिप्‍त लोग नोटबंदी के वक्‍त गुजरात (अहमदाबाद) और कर्नाटक (बेंगलुरु) जैसे शहरों में पैसा पहुंचाने को तैयार हो गए थे।
इसके एवज में कमीशन की मांग की गई थी। इस कारोबारी ने बताया कि चांदनी चौक के हवाला रैकेट के जरिये देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में करोड़ों की रकम भेजे जाते हैं। उनकी मानें तो चांदनी चौक में हवाला करोबारी कमरों में भर-भर कर पैसों को रखता है।
कारोबारी के मुताबिक, चांदनी चौक के हवाला रैकेट में संलिप्‍त लोगों की जड़ें काफी गहरी हैं। उनकी मानें तो चांदनी चौक के हवाला करोबारियों का कोलकाता के बड़ा बाजार स्थित हवाला कारोबारियों से सीधा संपर्क है। यहां से करोड़ों रुपये का हावाला करोबार होता है। इसी तरह अन्‍य बड़े शहरों में भी अड्डे हैं, जहां से हवाला करोबार को अंजाम दिया जाता है।
कारोबारियों का मानना है कि बैंकों में राशि जमा कराने को लेकर सख्‍ती बढ़ने के बाद हवाला करोबार में वृद्धि हुई है। दरअसल, एक बैंक से दूसरे बैंक के खाते में पैसे जमा कराने को लेकर नए प्रावधान लागू किए गए हैं, जिसमें अधिकतम राशि तय कर दी गई है।
ऐसे में कारोबारी हवाला के जरिये पैसों का आदान-प्रदान करते हैं। एक कारोबारी ने बताया कि मान लीजिए कि दिल्‍ली के किसी व्‍यवसायी को कोलकाता के किसी कारोबारी को पेमेंट करना है। दिल्‍ली का कारोबारी हवाला रैकेट के एजेंट से संपर्क कर उसे भुगतान की जाने वाली रकम देता है।
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इसके बाद दिल्‍ली का एजेंट कोलकाता के हवाला एजेंट को इसकी जानकारी देता है, जिसके उपरांत कोलकाता का हवाला एजेंट संबंधित कारोबारी को तय राशि का भुगतान कर देता है। रकम के हिसाब से कमीशन पहले ही तय कर लिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कारोबारी न तो बैंक से संपर्क साधता है और न ही कागजी कार्रवाई से उसे गुजरना पड़ता है।
हवाला रैकेट को करीब से देखने वाले कारोबारी बताते हैं कि नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने के बाद छोटे और मंझोले उद्योगों में सुस्‍ती है। हालात सुधरते ही हवाला करोबार में वृद्धि हो सकती है। इस व्‍यवसायी का कहना है कि 2000 के नोट के चलन में आने से हवाला गतिविधियां और बढ़ गई हैं।

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