चुनावी रैली में शाह की गलतबयानी के खिलाफ कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग

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कांग्रेस अमित शाह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग पहुंची। पार्टी का आरोप है कि शाह ने तेलंगाना में कांग्रेस के घोषणा पत्र को तोड़-मरोड़ कर पेश कर और गलत सूचना फैलाकर ‘सांप्रदायिक तनाव’ बढ़ाने का काम किया है।
रंगा रेड्डी जिले के अमांगल में दो दिसंबर को चुनाव प्रचार करते हुए शाह ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि कांग्रेस ने राज्य में मंदिरों को छोड़कर केवल मस्जिदों और चर्चो में मुफ्त बिजली देने का वादा किया है।
शाह के दावे के विपरीत, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में न केवल मस्जिदों व चर्चो को, बल्कि मंदिरों और पूजा करने के अन्य स्थानों को भी मुफ्त बिजली पहुंचाने का वादा किया है। शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और कांग्रेस नेता कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शाह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आयोग को एक ज्ञापन सौंपा।
सिब्बल ने यहां मीडिया से कहा, “शाह ने कांग्रेस के घोषणा पत्र के बारे में झूठ बोलकर माहौल खराब करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की। हमने चुनाव आयोग को शाह के बयान पर संज्ञान लेने और उन्हें नोटिस भेजने के लिए कहा है।
चुनाव आयोग को साफ-सुथरा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विकाराबाद जिले में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की चुनावी रैली से पहले कांग्रेस की राज्य इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंथ रेड्डी को पौ फटने से पहले हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए।
सिब्बल ने कहा, “जिस तरह से रेड्डी को बिना किसी कारण बताए तड़के तीन बजे गिरफ्तार किया गया, उससे स्पष्ट होता है कि सरकार का इरादा हर तरह से कांग्रेस को हानि पहुंचाना है। हमने चुनाव आयोग से इस मामले को संज्ञान में लेने के लिए कहा है, ताकि
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चुनाव में इस तरह की गिरफ्तारी न हो।”
तेलंगाना में 119 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात दिसंबर को चुनाव होने वाले हैं।

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