प्रशांत किशोर के विरोध में खुलकर उतरे बीजेपी के 4 विधायक

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भाजपा ने प्रशांत किशोर पर 5 दिसंबर को होने वाले पटना विश्वविद्यालय छात्र परिषद के चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उल्लेखनीय है कि भाजपा और जेडीयू दोनों गठबंधन के साथी हैं।
बिहार की सियासत में फिर उथल-पुथल शुरू हो गई है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू उपाध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी प्रशांत किशोर के बीच तनातनी शुरू हो गई है।
भाजपा विधायकों संजय पासवान, अरुण सिन्हा, नितिन नवीन और संजीव चौरसिया ने प्रशांत किशोर पर हमला बोला है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और जेडीयू की छात्र ईकाई के बीच झड़प भी हुई थी।
इस दौरान छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और जेडीयू के सदस्य दिव्यांशु भारद्वाज को एबीवीपी के छात्रों द्वारा पीटे जाने की खबरें भी सामने आई हैं। इस घटना के बाद पटना पुलिस ने एबीवीपी के प्रदेश कार्यालय में छापा भी मारा था। भाजपा ने जेडीयू पर इस कार्रवाई के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।

वहीं प्रशांत किशोर ने एबीवीपी पर तंज कसते हुए कहा, ‘पटना यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में संभावित हार की घबराहट मेरी गाड़ी पर पत्थर मारने से कम नहीं होगी।’ उन्होंने एबीवीपी के छात्रों से कहा कि ऐसे तत्वों को अपनी पहचान बनाने से बेहतर है आपको कुछ अच्छा करना चाहिए।

भाजपा नेताओं की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप ठीक नहीं है। इस बार चुनाव में पेशेवर प्रबंधकों की मदद से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह निराशाजनक है।
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उन्होंने कहा कि इससे राज्य की छात्र राजनीति का माहौल खराब हो गया है। उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी के साथ और फिर बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू के साथ खड़े थे। बाद में उन्होंने जेडीयू की सदस्यता ले ली।

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