ईवीएम मशीनों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने कड़ा किया पहरा

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भोपाल. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भोजपुर से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश पचौरी ने भोपाल और रायसेन जिलों में रविवार को स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था देखी। उन्होंने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रविवार को पचौरी सबसे पहले रायसेन पहुंचे। उन्होंने वहां पर एसपी जगत सिंह के साथ स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था देखी। उन्होंने कहा कि मतदान के बाद प्रदेश भर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम मशीनें जिन स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं, उनके मुख्य द्वार की विजिबिलिटी कैमरे के साथ प्रॉपर होनी चाहिए, जो कि रायसेन में नही है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से स्ट्रांग रूम के अंदर लैपटॉप ले जाने पर रोक लगाने की मांग की है। सागर, खंडवा, पंधाना की घटनाओं की जांच होनी चाहिए। सुरेश पचौरी ने आयोग को पत्र लिखकर ईवीएम की जानकारी मांगी गई है।
पूरे चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम, उपयोग में लाई गई ईवीएम और बिना उपयोग वाली ईवीएम समेत खराब हुई ईवीएम के नंबरों की जानकारी मांगी गई है। आयोग को लिखे गए पत्र में पचौरी ने आशंका जताई गई है कि ईवीएम के जरिए गड़बड़ी हो सकती है।
बंद हो गई एलईडी टीवी और सीसीटीवी कैमरे: रायसेन जिला मुख्यालय पर बनाए गए स्ट्रांग रूम में एलईडी टीवी और सीसीटीवी कैमरे लाइट नहीं होने के कारण करीब आधे घंटे के लिए शाम 6 बजे बंद हो गए, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने स्ट्रांग रूम के बाहर हंगामा शुरू कर दिया था।
प्रदेश के कई जिलों से मिली शिकायतें: पचौरी ने कहा कि भोपाल, अनूपपुर, सागर में भी मशीनों के मूवमेन्ट को लेकर शिकायतें मिली हैं। इससे सब से साफ है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और गड़बड़ी होने की आशंका बनी हुई है। वहीं, उन्होंने कहा कि 2013 में जिस तरह स्ट्रांग रूम के बाहर सोने की इजाजत थी, वैसी ही व्यवस्था इस बार भी की जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया निरीक्षण : ईवीएम पर लगातार खड़े होते संदेह के सवालों के बीच आखिरकार चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांताराव ने भी भोपाल में स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया।
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स्ट्रांग रूम के निरीक्षण के बाद कांताराव ने कहा कि चुनाव आयोग के 100 फीसदी नियमों का पालन ईवीएम की सुरक्षा में किया जा रहा है।

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