तत्‍कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा को बाहर से नियंत्रित किया जा रहा था: रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ

0 5
रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ ने ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ को दिए इंटरव्‍यू में बताया कि उन्‍हें यह महसूस हुआ कि तत्‍कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा को बाहर से नियंत्रित किया जा रहा है। साथ ही वह राजनीतिक रूप से पक्षपाती रवैया अपनाने वाले जजों को केस की सुनवाई की जिम्‍मेदारी दे रहे थे।
ऐसे में उन्‍हें प्रेस कांफ्रेंस करना पड़ा। रिटायर्ड जज ने प्रेस कांफ्रेंस से पहले के घटनाक्रम का भी ब्‍यौरा दिया। बता दें कि कुरियन जोसेफ ने रिटायर्ड जस्टिस जस्‍ती चेलामेश्‍वर, जस्टिस रंजन गोगोई (मौजूदा सीजेआई) और जस्टिस मदन बी. लोकुर के साथ प्रेस कांफ्रेंस किया था। चारों जजों ने तत्‍कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के काम करने के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए थे।
सुप्रीम कोर्ट से कुछ दिनों पहले ही रिटायर हुए जस्टिस कुरियन जोसेफ ने पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश (CJI) जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ तीन अन्‍य वरिष्‍ठ जजों के साथ 12 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ ने प्रेस कांफ्रेंस को लेकर कई रहस्‍यों पर से पर्दा उठाया है। उन्‍होंने कहा, ‘मामलों के आवंटन में मनमाफिक पीठ के चयन के संकेत मिलने लगे थे। बेंच के गठन में वैसे जजों का चयन किया जाने लगा, जिन्‍हें राजनीतिक रूप से पक्षपाती माना जाता था।
प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करने का विचार जस्टिस (रिटायर्ड) चेलामेश्‍वर ने दिया था। वह इसके आर्किटेक्‍ट थे, लेकिन हम तीनों जज उनसे सहमत थे। उस वक्‍त सीजेआई को बाहर से नियंत्रित किया जा रहा था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की स्‍वतंत्रता और अहमियत को बनाए रखने के लिए हमलोगों ने उनसे (दीपक मिश्रा) मुलाकात की और पत्र भी लिखा।
यह भी पढ़ें: खुले में स्‍तनपान पर नौ महीने का बच्‍चा पहुंचा हाई कोर्ट, बन सकता है कानून
जब सभी प्रयास विफल हो गए तो हमलोगों ने प्रेस कांफ्रेंस करने का फैसला किया।’ मालूम हो कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तत्‍कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्‍ताव भी लाया था, जिसे राज्‍यसभा के सभापति ने खारिज कर दिया था।
रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ का पारिवारिक पृष्‍ठभूमि बेहद सामान्‍य है। उनके पिता केरल हाई कोर्ट में क्‍लर्क की नौकरी करते थे। कुरियन जोसेफ ने 26 वर्ष की उम्र में वर्ष 1979 में केरल हाई कोर्ट से ही वकालत शुरू की थी। वर्ष 1994 में उन्‍हें केरल का अतिरिक्‍त महाधिवक्‍ता और वर्ष 1996 में कुरियन जोसेफ को वरिष्‍ठ वकील का दर्जा दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ने साल 2000 में केरल हाई कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली थी। उन्‍होंने बताया कि वह नंगे पांव स्‍कूल जाया करते थे। जब वह 7वीं कक्षा में पहुंचे तो उन्‍हें पहली बार चप्‍पल पहनने को मिला था। बता दें कि कुरियन जोसेफ जब रिटायर हुए तो वह सुप्रीम कोर्ट के तीसरे वरिष्‍ठतम जज थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More