जम्मू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने शहीद भगत सिंह को बताया आतंकवादी

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जम्मू यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर शहीद-ए-आजम भगत सिंह को आतंकी कहकर बुरी तरह से फंस गए हैं। इस मामले ने राज्य में तूल पकड़ लिया है। जम्मू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जहां इस मामले को लेकर विरोध पर उतर आए हैं वहीं

 

राजनीतिक स्तर पर भी उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हो रही है। हालांकि जिस प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं उसने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने उस समय के हालात के अनुसार उनकी जीवनी और तब के शासकों के हवाले से यह बात कही थी।
हालांकि बढ़ते विवाद को देख विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। यही नहीं कमेटी की रिपोर्ट आने तक प्रोफेसर ताजुद्दीन के पढ़ाने पर भी रोक लगा दी गई है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ताजुद्दीन के लेक्चर का वीडियो वॉयरल हुआ। इसमें उन्होंने अपने भाषण के दौरान शहीद-ए-आजम भगत सिंह को आतंकी कहा है।
हालांकि उनके भाषण का सिर्फ एक ही अंश लोगों के सामने आया। इसे लेकर विवाद पैदा हो गया। वॉयरल वीडियो के अनुसार प्रोफेसर पर भगत सिंह को आतंकी बताने का आरोप है। जैसे ही यह वीडियो विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के सामने आया, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
कुछ विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत जम्मू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. मनोज धर से भी की। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रोफेसर के इस बयान से राष्ट्रवादी विद्यार्थियों को ठेस पहुंची है। उन्होंने वाइस चांसलर से प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायत विश्वविद्यालय के कानून विभाग के विद्यार्थियों ने की है। उनका कहना है कि भगत सिंह ने देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान दिया है लेकिन प्रोफेसर उन्हें आतंकी बताकर नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।
वहीं आरोपी प्रोफेसर ताजुद्दीन का कहना है कि वह कक्षा में लेनिन पर लेक्चर दे रहे थे। उसी संदर्भ में उनकी जीवनी उस समय की परिस्थिति और उनके भाई का जिक्र आया जिन्हें आतंकी प्रचार का नेतृत्व करने पर फांसी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि यही आतंक की परिभाषा है। मौजूदा राज्य अपने खिलाफ विद्रोह करने वालों को आतंकी करार देता है। इसी संदर्भ में भगत सिंह का जिक्र भी हुआ। उन्होंने कहा कि हम भारत वासियों के लिए चाहे भगत सिंह क्रांतिकारी थे, लेकिन उन समय के शासकों के लिए वह आतंकी थी।
छात्रों को गुड टेरोरिज्म और बेड टेरोरिज्म के बीच के अंतर को समझना चाहिए। लेकिन बावजूद इसके अगर किसी को उनके इस भाषण से ठेस पहुंची है तो इसके लिए उन्हें खेद है। लेक्चरार पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रोफेसर ने यह दिया था बयान
आजादी के दौर यहां भी हुआ आतंक हुअा था । भगत सिंह को हम हीरो बनाते हैं, वह भी आतंकवादी थे।
मामले की जांच के लिए कमेटी गठित
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर मनोज धर ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
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कमेटी में डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. केशव शर्मा मामले की जांच करेंगे। वह इस संदर्भ में अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर वीसी को सौंपेंगे।

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