केजरीवाल से मिलने आये मुस्लिम धर्मगुरु के साथ जा रहे युवक के पास से मिला जिंदा कारतूस

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जांच के दौरान धर्मगुरुओं के साथ जा रहे एक युवक के पास से जिंदा कारतूत मिला। पुलिस ने उस युवक को आर्म्स एक्ट की धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया। युवक की पहचान इमरान के रूप में हुई है। गिरफ्तार युवक ने बताया कि उसे यह बुलेट मस्जिद में दानपात्र में मिली थी।
उसने इसे अपनी पर्स में रख लिया था और फिर भूल गया था। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बता दें कि ये मुस्लिम धर्मगुरु वक्फ बोर्ड द्वारा वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सीएम केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सोमवार (26 नवंबर) को कुछ मुस्लिम धर्मगुरु मिलने पहुंचे थे। सीएम केजरीवाल के पास जाने से पहले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा उनकी जांच की गई।
यह एक सप्ताह में दूसरी बार है जब केजरीवाल की सुरक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इससे पहले बीते 22 नवंबर को सीएम केजरीवाल के ऊपर मिर्च पाउडर फेंकने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी की पहचान अनिल शर्मा के रूप में हुई थी।
स्थानीय पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्पेशल सेल तीनों द्वारा उससे पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसने दावा किया कि उसने करीब डेढ़ साल पहले केजरीवाल से मुलाकात करने की कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं मिल सका था। उसने डेढ़ साल पहले दिल्ली सचिवालय के रिशेप्शन एरिया में तोड़फोड़ भी की थी।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बताया था, “इस हमले में केजरीवाल की आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा है, क्योंकि उन्होंने संयोगवश चश्मा लगा रखा था।”  आरोपी युवक मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर उनका इंतजार कर रहा था और जैसे ही केजरीवाल बाहर आए, उसने उनके चेहरे की तरफ लाल मिर्च पाउडर फेंक दिया।
इस बीच धक्का-मुक्की हुई और केजरीवाल का चश्मा टूट गया। आप ने इसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सेंध बताया। आम आदमी पार्टी हमले के अगले दिन भाजपा पर उंगली उठाते हुए कहा था, “आप प्रमुख को मरवाने के लिए ‘षड्यंत्र’ रचा जा रहा है।
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यह स्पष्ट है कि हमले सुनियोजित हैं।” वहीं, भाजपा ने इसे प्रायोजित बताते हुए कहा, “यह सहानुभूति पाने का पुराना तरीका है। जब भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव पास होते हैं, ऐसी घटनाएं होती हैं।”

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