आयुष्मान भारत स्कीम के नाम पर सामने आईं,फर्जी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स

0 14
खुलासे के बाद 89 वेबसाइटों और ऐप के मालिक और डेवलपर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले पर अधिकारिक तौर पर कहा गया कि, यह वेबसाइट्स और ऐप्स जनता को गलत जानकारी दे रहे थे। इन पर आयुष्मान मित्र की भर्ती,
सरकार की अन्य दूसरी योजनाओं लिए इनरोलमेंट कराया जा रहा था। साथ ही सरकार के लाभार्थियों की लिस्ट भी थी। वहीं सरकार ने इस योजना के बारे में जानकीर देने और मदद के लिए सरकारी अस्पताल में आयुषमान मित्र तैनात किए गए हैं।
मोदी सरकार द्वारा कुछ माह पहले लाई गई आयुष्मान भारत स्कीम की फर्जी साइटों और मोबाइल एप्लीकेशन का खुलासा हुआ है। योजना की गलत सूचना देने के चलते वेबसाइटों पर शिकंजा कसा गया है।
मामले पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिकल सुप्रीमटेंडेन्ट डॉ. वी के तिवारी ने बताया कि, सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान योजना के लिए तैनात किए गए आयुष्मान मित्रों की भर्ती के लिए कोई भी एजेंसी नहीं है।
खुलासे के बाद नेशनल हेल्थ एजेंसी की सीईओ इंदू भूषण ने बताया कि, आयुष्मान योजना को लेकर लोगों को यह वेबसाइट गलत जानकारी दे रही थीं। योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करने पर कोई चार्ज नहीं देना होता है।
एक टीम ऐसी वेबसाइटों पर नजर रखे हुए है। सामने आईं 89 फर्जी वेबसाइटों और ऐप्स के मालिकों और डेवलपर के खिलाफ केस किया गया है।
बता दें कि, स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एबी-एनएचपीएस) को चालू करने की घोषणा की थी।
यह भी पढ़ें: नक्सलीयों से ज्यादा खतरनाक हैं जातीय और धार्मिक नक्सलीः अखिलेश
मोदी सरकार ने योजना को 25 सितंबर (पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती) पर लॉन्च किया था। देश के करीब 10 करोड़ परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More