ऊना में टिप्‍पणी का विरोध करने पर तीन दलितों की पिटाई, चार गिरफ्तार

0 14
घटना 8 नवंबर की है। पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय मनु भाऊ सोलंकी उर्फ मुकेश ने ऊना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मुकेश का आरोप था कि वह और उनके रिश्‍तेदार भरत सोलंकी अपने गांव लौट रहे थे, जब कथित तौर पर शराब के नशे में धुत चार लोगों ने उन्‍हें दलित होने को लेकर गालियां देनी शुरू कर दीं और जातिगत टिप्‍पणियां की।
जब इन्‍होंने विरोध किया तो आरोपियों ने लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। बीच में एक ने चाकू भी निकाल लिया। मुकेश और भरत को बचाने पहुंचे उगाभाई सोलंकी को भी पीटा गया। मुकेश का आरोप है कि हमलावरों के पास जो लाठी थी, वह ‘पुलिस के पास होने वाली लाठी जैसी’ लग रही थी। हमले में, मुकेश के चेहरे पर चोटें आई हैं।
गुजरात के गीर-सोमनाथ जिले के ऊना में जातिसूचक टिप्‍पणी का विरोध करने पर तीन दलितों की पिटाई का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार (9 नवंबर) को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को उन्‍हें अदालत के सामने पेश किया गया।
मुकेश ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया जा रहा था तो चारों आरोपियों ने सड़क पर मोटरसाइकिलें खड़ी कर एम्‍बुलेंस का रास्‍ता रोकने की कोशिश की। उसने कहा कि जब उन सबको पीटा जा रहा था तो
उसके समुदाय के लोग घटनास्‍थल पर पहुंचे और पूरी घटना मोबाइल्‍स में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट की गई। चारों आरोपी- किशोर गोहिल, महेंद्र गोहिल, अनिरुद्ध गोहिल और अजीत गोहिल नंदरख गांव के रहने वाले हैं।
मामले की जांच कर रहे डीएसपी घनश्‍याम बांभनिया ने द संडे एक्‍सप्रेस को बताया, ”चारों आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।” चूंकि पुलिस ने आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी थी, इसलिए उनको न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बांभनिया ने कहा कि खून के नमूने फोरेंसिक टेस्‍ट के लिए भेज दिए गए हैं और पुष्टि होने पर निषेध कानून के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: अभी चुनाव हुए तो भाजपा को बढ़त पर 2014 जैसी लहर मुश्किल: प्रशांत किशोर
पुलिस ने इस मामले के तार 11 जुलाई, 2016 को हुए कांड से जुड़े होने से इनकार किया है। तब मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोप में तथाकथित गो-रक्षकों ने चार दलित युवकों को बुरी तरह पीटा था।

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More