नोटबन्दी के उल्टे असर को चुनाव में हथियार बनाएगी कांग्रेस

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नई दिल्ली,। 2019 के लोकसभा चुनाव में नोटबन्दी कांग्रेस पार्टी के लिए एक अहम चुनावी मुद्दा होगा। इसी रणनीति के तहत नोटबंदी को मोदी सरकार की बड़ी नाकामी बताते हुए कांग्रेस अर्थव्यवस्था को इससे हुए गहरे नुकसान का दावा कर रही है।
नोटबंदी के मुद्दे को गरम करने के लिए ही पार्टी ने विरोध प्रदर्शन करते हुए इसकी दूसरी बरसी मनाई।
कांग्रेस के नोटबंदी के खिलाफ देश भर में हुए प्रदर्शन के दौरान राजधानी दिल्ली में रिजर्व बैंक के बाहर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ विरोध मार्च निकाला।
इस दौरान अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मुकुल वासनिक, सुष्मिता देव आदि ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष केशव यादव और उनके कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी।
साथ ही अशोक गहलोत ने मोदी सरकार के इस फैसले को देश के छोटे व मझोले व्यापारियों से लेकर दैनिक कामगारों के हित पर सीधे प्रहार करार दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के जरिये कालाधन खत्म करने, नकली नोट बंद करने और आतंकवाद-नक्सलवाद पर लगाम लगाने का वादा किया था मगर इसमें कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है।
गहलोत ने नोटबंदी को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि इसकी वजह से देश की आर्थिक क्षति इतनी जबरदस्त हुई है कि सालों तक इसकी भरपायी नहीं की जा सकती।
इसकी वजह से लाखों लोगों का जमाया रोजगार छीन गया है तो दूसरी ओर पढ़े-लिखे नौजवानों को नौकरी-रोजगार नहीं मिल रहा।
उनका कहना था कि नोटबंदी की तर्ज पर ही सरकार अब रिजर्व बैंक पर धावा बोल उसे बर्बाद करने पर तुली है।
गहलोत ने पीएम मोदी से नोटबंदी के पूरे प्रकरण पर श्वेत पत्र जारी करने और देश से इस गलती के लिए माफी मांगने की मांग की।
नोटबंदी के मुद्दे को 2019 में सरकार की बड़ी नाकामियों में एक साबित करने की कोशिश के तहत ही पार्टी के दो शीर्ष दिग्गजों पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 8 नवंबर को पीएम मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला। दिवाली की वजह से पार्टी ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन नोटबंदी दिवस के एक दिन बाद 9 नवंबर को किया।
इस मुद्दे को जनता के बीच जीवंत बनाए रखने के लिए ही पार्टी ने नोटबंदी पर करीब आधा दर्जन लघु फिल्में तैयार की है। सोशल मीडिया से लेकर पार्टी के राजनीतिक अभियानों के दौरान इन फिल्मों का उपयोग किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के लिए बनी कांग्रेस की संचार और प्रकाशन समिति ने इन फिल्मों को तैयार कराया है।
इन फिल्मों में पीएम मोदी के नोटबंदी के समय की घोषणाओं और मौजूदा हकीकत के साथ आर्थिक ही नहीं
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सामाजिक क्षति को दर्शाते हुए सरकार पर जमकर निशाने साधे गए हैं।

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