मोदी सरकार को बचाने के लिए TIMES NOW के एंकर ने डिबेट का बदल दिया टॉपिक: योगेंद्र यादव

0 1
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ पर मोदी सरकार को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर बताया कि बुधवार (24 अक्टूबर) की रात उन्हें सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के मामले में होनेवाले न्यूज डिबेट में भाग लेने के लिए बुलाया गया था लेकिन
ऐन मौके पर शो की होस्ट नविका कुमार ने डिबेट का मुद्दा बदल दिया। उन्होंने लिखा है, “मुझे बताया गया था कि आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने से कैसे एनडीए की छवि पर बुरा असर पड़ा है, इस पर चर्चा होनी है लेकिन जब स्टूडियो में बैठा तो
इसकी जगह आलोक वर्मा के अधीनस्थ अधिकारी ए के शर्मा पर खुलासे होने लगे।” यादव ने इसे पत्रकारिता के नाम पर मजाक करार दिया है। उन्होंने शो के दौरान ही आपत्ति जताई और इसे मजाक करार देते हुए शो छोड़कर निकल गए।
यादव के ट्वीट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि यह सच हो सकता है कि विजय माल्या के भगाने में आलोक वर्मा का कोई रोल नहीं है लेकिन उनके राइट हैंड एके शर्मा करप्ट हैं और विजय माल्या को भगाने में उनका सीधे तौर पर हाथ है।

https://twitter.com/satyam6247/status/1055182418586599424

एक अन्य यूजर ने पत्रकार नविका कुमार को बीजेपी का प्रवक्ता करार देते हुए लिखा है कि इतना चलता है। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि इसमें कुछ भी ब्रेकिंग न्यूज नहीं है, जैसा कि नविका कुमार दावा कर रही हैं। बता दें कि सीबीआई में दो शीर्ष अधिकारियों (डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर) के बीच टकराव के बाद केंद्र सरकार ने मामले में दखल दिया है और
दोनों अफसरों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है और एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया है। इस मामले पर देश में राजनीति भी हो रही है।यादव के ट्वीट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है।
एक यूजर ने लिखा है कि यह सच हो सकता है कि विजय माल्या के भगाने में आलोक वर्मा का कोई रोल नहीं है लेकिन उनके राइट हैंड एके शर्मा करप्ट हैं और विजय माल्या को भगाने में उनका सीधे तौर पर हाथ है। एक अन्य यूजर ने पत्रकार नविका कुमार को बीजेपी का प्रवक्ता करार देते हुए लिखा है कि इतना चलता है।
एक
अन्य यूजर ने लिखा है कि इसमें कुछ भी ब्रेकिंग न्यूज नहीं है, जैसा कि नविका कुमार दावा कर रही हैं। बता दें कि सीबीआई में दो शीर्ष अधिकारियों (डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर) के बीच टकराव के बाद केंद्र सरकार ने मामले में दखल दिया है और
यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने आप के 27 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज की
दोनों अफसरों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है और एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया है। इस मामले पर देश में राजनीति भी हो रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More