विकास के पथ पर गोरखपुर, नए साल 2020 में एक नई इबारत लिखेगा। यातायात, शिक्षा, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई नई परियोजनाएं पूरी होंगी।
एम्स की ओपीडी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेगी तो तमाम गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे।
एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बन जाने से विमान सेवाओं की संख्या में वृद्धि होगी।
रामगढ़ताल किनारे नया सवेरा (फूड सेंटर-पाथवे) के विस्तार और चिड़ियाघर के शुरू हो जाने से पर्यटन को भी एक नया मुकाम मिलेगा।
नए साल में रेलवे परिसर भी बदले लुक में नजर आएगा। वहीं फोरेंसिक लैब की शुरूआत हो जाने से अपराधों को सुलझाने में फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से कई अनसुलझे सवालों के जवाब आसानी से मिल जाएंगे।
01- एयरपोर्ट: हवाई सेवाओं को लगेंगे पंख
नए साल पर हवाई सेवा के क्षेत्र में कई नई उपलब्धियां जुड़ेंगी।
तीन फ्लोर का नया टर्मिनल बनकर तैयार हो जाएगा।
करीब 22 करोड़ की लागत से बन रहे 350 यात्रियों की क्षमता वाले इस टर्मिनल के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया आखिरी चरण में हैं।
इसके बन जाने से विभिन्न शहरों के लिए फ्लाइट सेवा में भी विस्तार हो जाएगा।
बंद पड़ी मुंबई और बंगलूरू की फ्लाइट तो एक अप्रैल से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
वहीं, नई सेवा के तौर पर लखनऊ, चेन्नई के लिए उड़ान शुरू होने के साथ ही क्षेत्रीय सेवाओं के तहत आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद के लिए सेवा शुरू हो सकती है।
इसके अलावा दिल्ली, मुंबई के लिए दूसरी अन्य विमान सेवाएं भी शुरू हो सकती हैं।
30 लाख की लागत से प्रस्तावित एप्रेन लाइट के लिए एयरफोर्स से मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है
जिससे रन-वे से टर्मिनल तक के बीच की दूरी में छाए रहने वाले अंधेरे को दूर किया जाएगा।
02- चिड़ियाघर: देश का सबसे बेहतरीन होगा
इस साल गोरखपुर वाशियों को चिड़ियाघर की सौगात मिल जाएगी।
प्रदेश के वन मंत्री ने दावा किया है कि गोरखपुर का शहीद अशफ ाक उल्ला खॉं प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) देश का सबसे बेहतरीन होगा।
इसका निर्माण कार्य मार्च तक पूूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उसके बाद चिड़ियाघर प्रबंधन जीव जंतुओं को लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
03- फॉरेंसिक लैब : जांच के लिए बाहर की मोहताजी होगी खत्म
इस वर्ष गोरखपुर में ही फारेंसिक लैब की शुरुआत हो जाएगी।
ऐसे में मुकदमों में साक्ष्यों के तौर पर इस्तेमाल होने वाले बाल, नाखून या अन्य नमूने के लिए अब कई साल इंतजार नहीं करना होगा
और आरोपित को सजा दिलाने में आसानी होगी।
अभी जांच के लिए नमूने लखनऊ भेजे जाते हैं, और वहां से रिपोर्ट आने में कभी कभी दो से तीन साल का समय लग जाता है।
फोरेंसिक लैब के निदेशक ने बताया कि मार्च 2020 तक इसे शुरू करने की योजना है।
04- खाद कारखाना : खाद उत्पादन बढ़ेगा, स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार
करीब ढाई दशक से बंद खाद कारखाने की जगह नया कारखाना 2020 के अंतिम तक बनकर तैयार हो जाएगा।
फरवरी 2021 से यूरिया का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा,
लेकिन इसी साल से देश के दूसरे कारखानों से खाद मंगाकर यहां से बिक्री शुरू हो जाएगी।
सात हजार करोड़ की लागत से बन रहे इस खाद कारखाने से रोजाना 3850 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन होगा।
जापानी कंपनी टोयो इसका निर्माण करा रही है।
इस कारखाने का 149.5 मीटर ऊंचा प्रिलिंग टॉवर दुनिया के सभी खाद कारखानों के प्रिलिंग टॉवर से ऊंचा है।
05- कौवाबाग अंडरपास : आसान होगी दो लाख आबादी की राह
कौवाबाग रेलवे क्रासिंग पर बन रहा अंडरपास अप्रैल 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
इसके बाद इसे आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
अंडरपास बनने के बाद शहर के करीब दो लाख के आबादी की राह आसान हो जाएगी।
सबसे ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को राहत मिलेगी
क्योंकि रेलवे के दफ्तरों में काम करने वाले अधिकांश रेलकर्मी इसी रास्ते से आते-जाते रहे हैं।
06- नगर निगम : मिलेगा नया भवन
नए साल में नगर निगम का नया सदन बनकर तैयार हो जाएगा।
शासन ने इस नई बिल्डिंग के लिए करीब 23.45 करोड़ रुपये का बजट को मंजूरी दे दी है।
सदन कुल सात मंजिला होगा, जिसमें तीन मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग होगी।
ऊपरी मंजिल पर दर्शक दीर्घा के अलावा पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था रहेगी।
ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें बनाई जाएंगी,
जिसे नगर निगम किराए पर देगा। कुल 90 हजार वर्ग फीट में पूरे बिल्डिंग का निर्माण होगा।
 07- वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स: जल खेलों की आएगी बहार
रामगढ़ताल के पास निर्माणाधीन वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का काम इस साल पूरा हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कांप्लेक्स के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
पहले चरण में स्वीकृत 25 करोड़ से निर्माण कार्य जारी है।
इसके अंतर्गत प्लेयर डारमेट्री, फर्स्ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर,
वाटर डेक, चेंजिंग रूम, रोविंग, केनोईंग, कयाकिंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग,
वाटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी का शहरवासी लुत्फ उठा सकेंगे।
 08- सीएनजी : खुलेंगे छह स्टेशन
नए वर्ष में शहर के हर एंट्री प्वाइंट पर लोगों को सीएनजी स्टेशन की सुविधा मिलेगी।
इसे लेकर टोरेंट कंपनी की ओर कार्ययोजना तैयार हो गई है।
वर्तमान में कंपनी के बरगदवां और नौसड़ में एक-एक स्टेशन चल रहे हैं।
मार्च तक सभी छह स्टेशन खुल जाएंगे।
ये लखनऊ, कुशीनगर, देवरिया, वाराणसी, मेडिकल कॉलेज रोड पर होंगे।
 09- धार्मिक-पर्यटक स्थल: होगा कायाकल्प
शहीद स्मारकों और प्राचीन मंदिरों की सूरत बदली हुई नजर आएगी।
बिस्मिल शहीद स्मारक, चौरीचौरा शहीद स्मारक और शहीद स्मारक डोहरियांकलां,
बांसगांव स्थित ग्राम तिघरा में मौजूद तालाब का सुंदरीकरण, संत रविदास स्थल,
कैंपियरगंज स्थित समय माता मंदिर और पोखरा, वैसही देवी मंदिर,
बरगहदी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कायाकल्प के लिए प्रदेश सरकार ने 12 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है।
वहीं जटाशंकर गुरुद्वारा, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, सुरजकुंड धाम, कालीबाड़ी मंदिर,
मोहद्दीपुर गुरुद्वारा, जटाशंकर गुरुद्वारा, बांसगांव स्थित प्राचीन मंदिर,
तरकुलहा देवी, शहीद बंधु सिंह स्मारक, बुढ़िया माता का मंदिर,
बर्डघाट रामलीला मैदान, मानसरोवर के सुंदरीकरण का काम भी पूरा हो जाएगा।
10- ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक माहौल में प्रशिक्षण
नए साल में चरगांवा आईटीआई परिसर में ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र की सौगात लोगों को मिल जाएगी।
इस आधुनिक ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र के भूतल पर प्रयोगशाला,
हल्के एवं भारी वाहनों के लिए दो सिमुलेटर कक्ष, कर्मचारी कक्ष,
रिसेप्शन कक्ष, खानपान की व्यवस्था, हॉस्टल और प्रसाधन केंद्र बनेगा।
प्रथम तल पर सेंटर हेड कक्ष, सर्विलांस कक्ष, सभागार, अभ्यर्थियों के लिए क्लास रूम,
आइटी लैब और 100 लोगों के लिए आडिटोरियम का निर्माण होगा।
भवन और परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा।
प्रकाश के लिए सोलर लाइट की व्यवस्था होगी।
निर्माण के लिए सरकार ने 489.56 लाख रुपये बजट स्वीकृत किया था।
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11- जीडीए: आवासीय प्लाट भी आवंटित करेगा, नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा बढ़ेगा
नए साल में गोरखपुर विकास प्राधिकरण खोराबार में करीब 70 एकड़ में हर वर्ग के लिए आवासीय प्लाट वाली योजना लाएगा।
खोराबार के सूबाबार में प्राधिकरण की करीब 1.70 एकड़ जमीन है।
वहीं पर करीब 13 एकड़ में प्रधानमंत्री आवासीय योजना भी प्रस्तावित है।
एयरफोर्स के पास नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा भी बढ़ जाएगा।
संवेदनशील इलाकों को छोड़कर इस प्रतिबंधित जोन को 900 मीटर से घटाकर 100 मीटर कर दिया गया है।
इसके लिए एयरफोर्स प्रशासन ने अपनी रजामंदी भी दे दी है।
इससे एयरफोर्स के आस-पास करीब आधा दर्जन कालोनियों के पांच हजार से अधिक आवास के वैध होने की राह भी खुल जाएगी।
12- गोरखपुर जंक्शन: सबसे बड़े प्लेटफॉर्म वाले स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं
नए साल में रेलवे यात्रियों को कई सौगात देगा। स्टेशन चमकते नजर आएंगे तो अंडरपास बनने से आवाजाही आसान हो जाएगी।
विश्व के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म वाले स्टेशन गोरखपुर जंक्शन पर नए साल में सुविधाएं भी विश्वस्तरीय मिलेंगी।
स्टेशन का लुक आकर्षक होगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होगी।
मुख्य द्वार को भी सजाया जा रहा है।
डिवाइडर बना दिए गए हैं।
परिसर में ही एक सिटीजन पार्क भी बनेगा
और चारों तरफ फूल पत्तियां लगाई जाएंगी।
भवन की भी रंगाई पुताई हो रही है।
सड़कों की मरम्मत शुरू हो गई है।
13- रेलवे स्टेडियम : होंगे राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैच
नए साल में सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा।
करीब 70 लाख रुपये की लागत से इस स्टेडियम का विस्तार किया जा रहा है।
स्टेडियम की क्षमता करीब 700 लोगों के बैठने की हो जाएगी।
इसके बाद गोरखपुर में भी दिलीप ट्राफी और रणजी ट्राफी सरीखे क्रिकेट मैच हो सकेंगे।
स्टेडियम की पवेलियन दो मंजिला होगी और दो टीमों के लिए अलग-अलग ड्रेसिंग रूम भी बनेगा।
दो ड्रेसिंग रूम, डायनिंग हॉल, अंपायर रूम, वीआईपी ड्रेसिंग रूम, क्रिकेट सामान रखने के लिए स्टोर और पार्किंग बनाया जाएगा।
 14- महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ: नाथपंथ के शोधार्थियों की राह होगी आसान
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ के भवन निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी।
साल के अंत तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
अंतिम रूप देने का कार्य शेष रह जाएगा।
यह भवन गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय भवन को गिराकर बनाया जा रहा है।
भवन निर्माण के बाद देश भर नाथपंथ पर शोध करने वाले शोधार्थी आएंगे
और गुरु गोरक्षनाथ पर जुटाई गई सामग्री साझा करेंगे।
15- गोरखपुर विश्वविद्यालय : 600 कंप्यूटर वाले सेंटर की मिलेगी सौगात
नए साल में गोरखपुर विश्वविद्यालय को एक नए कंप्यूटर सेंटर की सौगात मिलेगी।
इसमें 600 कंप्यूटर सेट लगाए जाएंगे।
प्रशासनिक भवन के पास इसे बनाया जा रहा है।
निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
इसके बनने से विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं तो होंगी ही,
रेलवे और बैंक की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित कराई जाएंगी।
इससे विश्वविद्यालय की आय भी बढ़ेगी।
 16- रेलवे स्टेशन: जनरल वेटिंग हाल में बढ़ेंगी सुविधाएं
रेलवे स्टेशन के जनरल वेटिंग हाल में यात्रियों की सुविधाएं बढ़ेंगी।
स्टील बेंच के साथ एलईडी टीवी लगाए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस शौचालय भी बनेगा।
प्राइवेट कंपनी वेटिंग हाल को खूबसूरत लुक देने के साथ ही दूसरे कंपनियों से शुल्क लेकर प्रचार प्रसार भी करेगी।
आय का कुछ हिस्सा वह रेलवे को लाइसेंस शुल्क के रूप में देगी।
वहीं रेलवे अब यात्रियों को दो सेल्फी प्वाइंट भी मुहैया कराएगा।
पहला सेल्फी प्वाइंट सौ फीट झंडे के पास और दूसरा कैब-वे पर बनेगा।
17- एम्स: शुरू हो जाएगा 720 बेड का अस्पताल
नए साल में एम्स में 720 बेड का अस्पताल शुरू होगा।
अप्रैल माह में 300 बेड का अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) शुरू हो जाएगा।
सभी 720 बेड की आईपीडी सितंबर माह में शुरू हो जाएगी।
दिसंबर 2020 तक एम्स में मेजर सर्जरी भी शुरू होने की उम्मीद है।
18- बीआरडी मेडिकल कॉलेज: इंसेफेलाइटिस के मरीजों के लिए 500 बेड का अस्पताल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एईएस, जेई पीड़ित बच्चों के अलावा जन्मजात शारीरिक विकृतियाें के इलाज
और सर्जरी के लिए 500 बेड का पीडियाट्रिक अस्पताल भी इस वर्ष जनवरी-फरवरी में शुरू हो जाएगा।
इसके अलावा चिकित्सकों के खाली पद भरे जाने से जिला महिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
19- प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा: रामगढ़ ताल के किनारे लहराएगा
नए साल में गोरखपुर में प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा लहराने लगेगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और एयरफोर्स से क्लियरेंस मिलने के बाद 246 फीट ऊंचे इस तिरंगे के लिए तैयार किए गए खंभे को क्रेन की मदद से खड़ा कर दिया गया है।
इसका ट्रायल भी हो चुका है।
अभी प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा गाजियाबाद के मुखर्जी पार्क में लगा है,
जिसकी ऊंचाई 211 फ ीट है।
शुद्ध प्लस के निदेशक और नाइन सेनेटरी के प्रबंध निदेशक अमर तुलस्यान इस झंडे को लगवा रहे हैं।
इसके निर्माण की जिम्मेदारी देश की सबसे बड़ी झंडा निर्माण कंपनी सहगल इंडस्ट्रीज को सौंप दी गई थी।
सहगल इंडस्ट्रीज की सह निदेशक विनीता सहगल का कहना है कि 15 किलोमीटर की दूरी से इस तिरंगे को देखा जा सकता है।
 20- रामगढ़ ताल : गंदे पानी से मिलेगी निजात
शहर की खास पहचान रामगढ़ ताल को ‘नई जिंदगी’ मिल जाएगी।
दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगने के बावजूद अब भी 20 स्थानों पर शहर का गंदा पानी सीधे गिरने की वजह से रामगढ़ ताल में गाद बैठता जा रहा है।
इससे ताल में आक्सीजन की मात्रा कम हो रही है। जल निगम इन नालों को टैप करने का काम शुरू कर चुका है।
जून 2020 तक यह काम पूरा हो जाएगा

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