डांस और फिल्मों के शौक ने मुंगेर के सुजीत सुमन को बनाया भोजपुरी फ़िल्म निर्माता

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मुंगेर (बिहार)। तोहसे लागी लगन, जुनूनी मर्डर,रामा,लाल जैसी चर्चित भोजपुरी फिल्मों का निर्माण कर मुंगेर के सुजीत सुमन भोजपुरी फ़िल्म जगत में अपनी पहचान,लोकप्रियता व स्थान बनाने को अग्रसर हैं।बचपन का शौक सुजीत सुमन को फ़िल्म निर्माता बनने में चिंगारी का काम किया।
सुजीत सुमन मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं और यहाँ तक का सफर बेहद ही संघर्षमय रहा।मुंगेर के कई लोगों का भरपूर सहयोग हमेशा मिला।जिसकी वजह से वे आज इस मुकाम पर हैं।सुजीत के सहयोग में कई नाम हैं।पर हेमंत सिंह,सौरभ निधि,निलेश सिंह,सुबोध वर्मा आदि लोगों का भरपूर सहयोग मिलता रहा हैं।
शुरुआत के समय में सुजीत सुमन के डांस गुरु मितेश सिन्हा रहें हैं।सुजीत ने एक निर्देशक के रूप में अपने फ़िल्मी करियर को प्रारम्भ किया।फिर अभिनय भी किये और अंत में एक निर्माता के रूप में बनें रहें हैं।बचपन से ही नृत्य व अभिनय में रुची रखने वाले सुजीत ने 1999 में ड्रीम बॉयज संस्थान की स्थापना की और देखते ही देखते इसमें सौ से ज्यादा कलाकार जुड़ गए।2008 में ड्रीम बॉयज फिल्म इंटरटेनमेंट का मुंबई में निबंधन करवाया और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में जुड़ गए।
संसाधन विहीन इस जिले में फिल्म निर्माण को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और स्थानीय कलाकारों को लेकर उन्होंने अब तक चार भोजपुरी फिल्म और 5 शॉर्ट फिल्म का निर्माण कराया। जिले में 1999 से अब तक 500 से अधिक कार्यक्रम का आयोजन कर स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया।कला के क्षेत्र में योगदान के लिए सुजीत को बिहार दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया।
अगर मुंगेर की बात की जायें तो यहाँ फिल्म निर्माण की असीम संभावनाएं हैं।यहाँ भीमबांध, खड़गपुर झील, ऋषिकुंड, पीड़ पहाड़, सीताकुंड, चंडिका स्थान, गंगा घाट, जमालपुर की काली पहाड़ी, बिहार योग विद्यालय, धरहरा की पहाड़ी और जंगली इलाका आदि ऐसे लोकेशन हैं,जो फिल्म शूटिंग के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। यदि मुंगेर में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया जाए, तो रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसी सोच के साथ मुंगेर का लाल सुजीत सुमन मुंगेर को मायानगरी बनाने की राह पर बढ़ चलें है।
सुजीत सुमन ड्रीम बॉयज संस्थान में नए कलाकारों को गीत, संगीत व अभिनय का प्रशिक्षण देते हैं। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर कई युवा देश के दूसरे हिस्सों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। राजीव दिल्ली में मॉडलिंग और अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। निधि सिन्हा बंगाल में म्यूजिक क्लास चला रही हैं।
विष्णु सुमन गंगटोक में मॉडलिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम स्थापित कर चुके हैं। दिव्या लहरी बेंगलुरु में ,अमरदीप भोजपुरी के प्रसिद्ध सिनेस्टार हैं। सौरभ दत्त उर्फ पप्पू रेडियो जॉकी के रूप में मुंबई तथा दिल्ली में काम कर चुके हैं। इनके अलावा भी दर्जनों संस्था से जुड़े साधक कला के क्षेत्र में काफी अच्छी मुकाम हासिल कर चुके हैं।
मुंगेर में पहली फ़िल्म निर्माण करने वालें निर्माता हैं सुजीत सुमन।
2008 में सुजीत सुमन ने जिले का सबसे पहला फिल्म तोहसे लागी लगन बनाई। स्थानीय कलाकारों को लेकर भोजपुरी भाषा मे बनी फिल्म को बिहार के लगभग सभी सिनेमा हॉल में प्रदर्शित किया गया। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।दूसरी फिल्म 2013 में जुनूनी मर्डर बनाया। 2016 में बिहार झारखंड के कलाकारों को लेकर रामा फिल्म बनाई।2018 में नक्सली जीवन पर आधारित फ़िल्म लाल बनायीं।
जिसमें स्थानीय कलाकारों का भी महत्वपूर्ण भूमिका दिया गया। सुजीत ने कहा कि उनकी प्रथम दो फिल्मों की पूरी शूटिंग मुंगेर जिले में ही विभिन्न अलग-अलग स्थानों पर किया गया। रामा फिल्म की शूटिंग बिहार और झारखंड के दूसरे जिलों में किया गया।सुजीत सुमन ने कहा कि वह अपने आप को कला के क्षेत्र में समर्पित कर दिए हैं।वर्ष 2017 के औरंगाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार मिला।राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव कराने की उनकी इच्छा है।इसके लिए उन्होंने कार्य भी शुरू कर दिया है|

 

फ़िल्म पीआरओ कुमार युडी की रिपोर्ट

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