Uttarakhand: Mining business closed for 3 days, heavy damage to government and vehicle owners due to server shutdown
देहरादून/हल्द्वानी। माइनिंग लीज मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल के पिछले 3 दिन से बंद होने के कारण यहां के स्टोन क्रेशरों में सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं, जिससे जहां वाहन चालक व स्वामी परेशान हैं। वहीं सरकार को भी इन तीन दिनों में राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
बताया यह जा रहा है कि सर्वर अंडर मेंटेनेंस है। 31 सितंबर को दिन में 11:00 बजे माइनिंग लीज मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल पूरी तरह से ठप हो गया जिसके चलते स्टोन क्रेशर सहित अन्य खनिक इकाइयों में रॉयल्टी कटनी पूरी तरह से बंद हो गई इसके​ बाद कुमाऊं क्षेत्र के विभिन्न खनिक इकाइयों में खनन सामाग्री से भरे वाहन खड़े हुए हैं।
वहीं खनन कारोबारियों का कहना है कि यदि सर्वर किसी तरह से फेल हो जाए तो खनन कारोबार को बराबर चलाए रखने के लिए मैन्युअल सिस्टम की सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए, जिस तरह से सेल टैक्स विभाग ने यह व्यवस्था कर रखी है।
उसी तरह से यह वैकल्पिक व्यवस्था खनन कारोबार के लिए भी होनी चाहिए। जिससे खनन कारोबार नियमित चलता रहे एवं सरकार और वाहन स्वामियों को हानि ना उठानी पड़े। वहीं पिछले 3 दिन से दूर दराज से आए वाहन चालक भोजन के कारण परेशान हैं इधर-उधर भटक रहे हैं।
बताते चलें कि कोविड-19 के कारण खनन कारोबार की कमर पहले ही टूट चुकी है, ऊपर से पिछले 3 दिनों से रॉयल्टी न कटने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। वाहन चालकों ने बताया कि क्रेशर में पिछले 3 दिनों से खड़े होने के चलते उनके सामने अब भूखे मरने की नौबत आ गई है|

 

ऐजाज हुसैन, ब्यूरो प्रमुख उत्तराखंड

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.