फरीदाबाद. लाॅकडाउन चार खत्म होने तक फरीदाबाद में करीब 15 हजार से अधिक इंडस्ट्री शुरू हो चुकी हैं।
इनमें अभी तक पौने चार लाख से अधिक वर्करों को काम भी मिल चुका है।
लेकिन अब औद्योगिक इकाइयों के सामने कच्चा माल मिलने और स्किल कामगार का संकट पैदा होने की संभावना है।
यही नहीं इंडस्ट्री के सामने अब बिजनेस बढ़ाने की भी बड़ी चुनौती बन गई है।
क्योंकि बड़े उद्योगों में अभी भी शत-प्रतिशत काम शुरू नहीं हुआ है।

पहले के जो ऑर्डर थे वे सब कैंसिल हो चुके हैं।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर का बॉर्डर सील होने से सामान को भेजने और कच्चा माल लाने में परेशानी हो रही है।

मार्केट में अभी डिमांड कम होने के कारण औद्योगिक इकाइयों में अभी महज 15 से 20 फीसदी तक ही काम हो पा रहा है।

उद्यमियों का कहना है कि ऑर्डर आने और इंडस्ट्री प्राॅपर तरीके से चलाने में दो से तीन माह का समय लग सकता है।

उम्मीद है जल्द ही शहर की सभी औद्योगिक इकाइयों मेंं काम शुरू हो जाएगा

डीसी यशपाल यादव के अनुसार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने इंडस्ट्री को कई प्रकार की छूट दी है।

अभी तक करीब 15000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में काम धीरे धीरे शुरू हो चुका है।

इनमें काम करने वाले करीब चार लाख श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है।

उम्मीद है जल्द ही शहर की सभी औद्योगिक इकाइयों मेंं काम शुरू हो जाएगा।

60% श्रमिक जा चुके हैं गांव
उद्यमियों का मानना है कि नियमित कर्मचारियों को छोड़कर करीब 60 फीसदी श्रमिक अपने गांव यूपी और बिहार जा चुके हैं।

उन्हें वापस आने में अभी वक्त लगेगा। ऐसे में यदि इस माह जून में जब शत प्रतिशत इंडस्ट्री खुल जाएगी और काम शुरू होगा तो श्रमिकों की समस्या से जूझना पड़ेगा।

खुली इंडस्ट्री के पास महज 20 फीसदी काम-
फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान वीरभान शर्मा एवं फरीदाबाद मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव रमणीक प्रभाकर का कहना है कि –

लॉकडाउन में जो इंडस्ट्री खुली भी हैं उनमें भी काम महज 15 से 20 फीसदी तक ही हो रहा है।

जबकि महीने का खर्च पूरा है। ऐसे में आर्थिक परेशानी सबके सामने है।

यही नहीं जो माल बनकर तैयार हो गया वह भी बाहर नहीं जा पा रहा है।

लॉकडाउन के पहले जो माल भेजा जा चुका है उसकी पेमेंट फंसी पड़ी है।

ऐसे में इंडस्ट्री इस समय पैसों की समस्या से जूझ रही है। इंडस्ट्री को पटरी पर आने में अभी करीब दो साल तक लग जाएंगे।

क्योंकि लॉकडाउन के पहले जो ऑर्डर थे वे सब कैंसिल हो चुके हैं। इतनी जल्दी आर्डर मिलना भी संभव नहीं है।

परेशानी: बिजनेस बढ़ाना इस वक्त बड़ी चुनौती
फरीदाबाद चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी रोहित रूंगटा और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष रविभूषण खत्री का कहना है कि –

इंडस्ट्री तो खुल गई लेकिन इस वक्त हमारे सामने बिजनेस को बढ़ाना बड़ी चुनौती है।

चूंकि देश के कई राज्यों मुंबई, दिल्ली और गुजरात में कोरोना का कहर जारी है।
ऐसे में जब तक माल की डिमांड नहीं होगी इंडस्ट्री में उत्पादन करने से कोई फायदा नहीं है।

अभी दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर भी सील पड़े हैं। उद्यमी एसएस कपूर का कहना है कि-

फरीदाबाद में छोटे व लघु उद्योगों में ज्यादातर कच्चा माल दिल्ली अथवा दिल्ली के रास्ते से होकर आता है।

जब दिल्ली से माल नहीं आ पाएगा तो इंडस्ट्री चलेगी कैसे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.