किसानो पर
मध्यप्रदेश/रायसेन। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में यूरिया को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठियां फटकारने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।
उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि यह पुरानी सरकार नहीं, जहां किसानों के सीने पर गोलियां तक दाग़ी गयी। क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने ना दे, लेकिन किसानों का दमन बर्दाश्त नहीं। मेरी सभी ज़िम्मेदारों को खुली चेतावनी है।
असल में, सोमवार को यूरिया की किल्लत को लेकर किसानों ने रायसेन, राजगढ़, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, राजगढ़-विदिशा और अशोकनगर में प्रदर्शन किया था और चक्काजाम कर दिया था।
जिस पर पुलिस छतरपुर और राजगढ़ में लाठियां फटकारी थीं। इस मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को अशोकनगर और टीकमगढ़ में पुलिस के पहरे में यूरिया बांटा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रदेश में यूरिया का संकट शीघ्र हल होगा। किसान भाई परेशान ना हो। सतत प्रयासों से पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यूरिया लेने के लिये आ रहे किसानो पर लाठियां बर्दाश्त नहीं। यह कमलनाथ की सरकार है, किसान हितैषी सरकार है। अधिकारी पुरानी मानसिकता बदलें।’
जिले में तीन दिन के संकट के बाद मंगलवार को यूरिया बंटने लगा। यूरिया लेने के लिए हजारों की संख्या में आसपास के गांवों के किसान और महिलाएं यूरिया के लिए कतार में खड़े हो गए। सोमवार को मंडीदीप में रैक लगने के बाद इफ्को से जिले को 1600 मीट्रिक टन यूरिया सोमवार को मिल गया था।
गोडाउन में यूरिया का स्टॉक करने की वजह से मार्कफेड ने वितरण बंद कर दिया था। साथ ही यूरिया को लेकर प्रदेश के विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़ और अशोकनगर में किल्लत बनी हुई है।
प्रदेश के किसानों को अभी एक-दो दिन और यूरिया की किल्लत से जूझना होगा। हालांकि यूरिया से लदे सात रैक सोमवार को मंडीदीप, छिंदवाड़ा, इटारसी, झुकेही, खंडवा, सतना और हरदा पहुंच चुके हैं। उन्हें किसानों तक पहुंचाने में थोड़ा समय लगेगा।
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इस बीच केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने मप्र में 50 हजार मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई तत्काल करने की सहमति दी है। मप्र को यूरिया सप्लाई में राजस्थान, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल के साथ प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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