HAL प्रमुख
हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष आर. माधवन ने राफेल विमानों के सौदे का बचाव किया।उन्होंने कहा कि 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा विमानों की जरूरत के कारण किया गया है और इतनी संख्या में विमान भारत में बनाने का सवाल ही नहीं उठता।
माधवन ने कहा, शुरू में राफेल की बात चल रही थी तो एचएएल सक्षम था, लेकिन सरकार ने जल्द से जल्द उसे हासिल करने की आवश्यकता को देखते हुए 36 विमान खरीदने का सौदा किया गया। 36 विमानों को यहां पर बनाने का सवाल ही नहीं उठता है।
यदि पहले की तरह होता तो कुछ विमान हम खरीदते, कुछ यहां पर बनाते। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चूंकि मौजूदा सौदे में एचएएल नहीं है इसलिए वे इस बारे में और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने कहा यदि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में सत्ता में आई तो हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को आफसेट साझेदार के तौर पर समायोजित किया जाएगा और अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को राफेल सौदे से बाहर कर दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: झूठे आरोप के चलते 16 दिन जेल में गुजारने वाले निर्दोष सर्फुद्दीन ने कहा- मुसलमान हैं, इसलिए बन रहे निशाना
मोइली ने कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने पर राफेल सौदा रद्द किये जाने से इनकार किया। उन्होंने कहा,  जब हमारी सरकार आएगी, हम आफसेट साझेदार के तौर पर एचएएल का समर्थन करेंगे…निश्चित तौर पर हम इसको लेकर प्रतिबद्ध हैं।
राफेल जेट में हमारा भरोसा है…यह अच्छा है…इसे रद्द नहीं किया जा सकता…यह हमारी ही संकल्पना है, हमने उसे एचएएल के साथ ही अंतिम रूप दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here