महागठबंधन में
नई दिल्ली: गुरुवार (20 दिसंबर) को इस महागठबंधन का ऐलान नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया। कांग्रेस के नेता अहमद पटेल ने कहा कि यहां गठबंधन हो गया है। सबसे खुशी की बात है कि उपेंद्र कुशवाहा भी इस महागठबंधन में शामिल हुए हैं।
उन्हें देश की चिंता है, इसलिए वह इसमें शामिल हुए हैं। आगे बिहार कांग्रेस इकाई के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, “यह विचारधारा से जुड़ा गठबंधन है। हमें सीट बंटवारे या साथ काम करने पर कोई दिक्कत नहीं होगी। हम किसी कुर्सी या खुदगर्जी के लिए नहीं मिले हैं।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने बताया, “जिस दौर से देश गुजर रहा है, उससे एकता का अभियान चला है। उसी क्रम में यहां भी यह काम हुआ है।” वहीं, आरजेडी नेता, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि
यह दलों का नहीं बल्कि जनता के दिलों का गठबंधन है। देश और संविधान बचाने की लड़ाई है। यह जनता के गिरोह का गठबंधन है। जिस तरह देश में अघोषित इमरजेंसी कायम हो चुकी है। जिस तरह मोदी जी ने अपने घटक दलों के प्रति तानाशाही रवैया अपनाया है, आज नतीजा आपके सामने है।
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को कड़ी टक्कर देने के लिए बिहार में महागठबंधन हो गया है। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के नेता उपेंद्र कुशवाहा इसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़कर शामिल हुए।
उनके अलावा महागठबंधन में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस, तेजस्वी यादव का राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) शामिल हैं।

तेजस्वी के मुताबिक, “आज मोदी जी से बिहार की जनता हिसाब मांग रही कि उन्होंने सूबे को कितना दिया। पर उन्होंने सिर्फ बिहार को ठगा है।” एक समय में एनडीए के सहयोगी रहे मांझी ने कहा,
“आज पूरा देश किसान-मजदूरों के मुद्दे पर बात को राजी है। राहुल ने जो वादा किया था, वह उन्होंने चंद घंटों में कर के दिखाया। इन परिस्थितियों को हम उम्मीद की नजरों से देख रहे हैं।”
महागठबंधन में आने के बाद कुशवाहा बोले- हमने कहा था कि हमारे पास कई विकल्प हैं और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) उनमें से एक था।
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राहुल और लालू की तरफ से दिखाई गई उदारता भी अहम कारण है कि मैं इस गठबंधन का हिस्सा बना हूं। लेकिन सबसे बड़ा कारण बिहार के लोग हैं, जिनके लिए मैंने यह कदम उठाया है। बकौल कुशावाहा, “एनडीए में मेरा अपमान हो रहा था।

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