विवेक तिवारी
लखनऊ। आईजी रेंज सुजीत पांडेय ने बताया कि एसआईटी जांच में सिपाही प्रशांत चौधरी को हत्या का दोषी पाया गया है।
उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा में गोली चलाने की जो थ्योरी प्रशांत चौधरी ने पुलिस को बताई थी उसको भी एसआईटी जांच में खारिज कर दिया गया है।
एप्पल कम्पनी के अधिकारी विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी।
वहीं, प्रशांत के साथ रहे सिपाही संदीप राणा ने मारपीट की थी। विवेक की हत्या में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। लखनऊ में 28 सितंबर की रात उस समय विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी,
जब वह अपनी एक महिला सहकर्मी सना को घर छोड़ने कार से जा रहे थे। आईजी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में तत्कालीन गोमती नगर सीओ आईपीएस चक्रेश मिश्र और एसएचओ डीपी तिवारी पर भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
शुरुआत में आरोपी सिपाही प्रशांत ने आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कही थी। इसके बाद एसआईटी ने सहकर्मी सना के साथ दो बार क्राइम सीन रिक्रिएट किया था।
यह भी पढ़ें: बीटेक की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म : हालत नाजुक, दो गिरफ्तार
पुलिस ने एसआईटी जांच रिपोर्ट के बाद कोर्ट में हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें सिपाही प्रशांत को आईपीसी 302 और संदीप को 323 का आरोपी बनाया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here