फरीदपुर नगर पालिका
बरेली: प्रस्ताव के तहत भीख मांगने वालों और वेश्याओं से 500 से 2000 रुपए के बीच यह टैक्स वसूला जाएगा। फरीदपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पूनम गुप्ता के हवाले से खबर में कहा गया कि इस संबंध में अंतिम फैसला उचित सलाह-मशविरा और लोगों के सुझाव के बाद ही लिया जाएगा, जिसमें लोगों की राय ही सर्वोपरि होगी।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में फरीदपुर नगर पालिका परिषद आगामी दिनों में भिखारियों और सेक्स वर्कर्स से टैक्स वसूल सकता है। यह रकम ‘केयरिंग चार्ज’ (देखभाल शुल्क) के रूप में वसूली जाएगी। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, परिषद ने अपनी आय में इजाफा करने के लिए केयरिंग चार्ज से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया था, जो कि पास हो गया है।
बकौल गुप्ता, “परिषद अपनी आय बढ़ाना चाहती है, ताकि उस रकम से शहर में विकास कार्य किए जा सकें। यह प्रस्ताव अभी पास हुआ है। हमने इस पर आपत्तियां मांगी हैं। अगर किसी को आपत्ति होगी, तो उसमें सुधार किया जाएगा। हम वही करेंगे, जो जनता चाहेगी।”
इस प्रस्ताव को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। चेतना समिति ने इस टैक्स का विरोध किया है। सामाजिक संस्था ने इसी के साथ टैक्स के प्रस्ताव को पास करने से जुड़ी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाए हैं। संस्था का यह भी कहना है कि अगर भीख मांगना और वेश्यावृत्ति अवैध है, तब उस पर टैक्स कैसे लगाया जा सकता है?
समिति की अध्यक्ष बीएन अग्रवाल ने बताया कि भीख मांगना और वेश्यावृत्ति, ये दोनों ही कार्य अपराध की श्रेणी में आते है तब नगर पालिका परिषद ने ये प्रस्ताव किस आधार पर पास कर दिया है? जबकि केंद्र सरकार चाहती है कि देश से वेश्यावृति और भीख मांगने की प्रथा को जड़ से खत्म की जाएं।”
यह भी पढ़ें: गोहत्‍या में पकड़े गए चार मुस्लिमों को पुलिस ने बताया बेकसूर
रिपोर्ट के अनुसार, नगर पालिका परिषद ने केयरिंग चार्ज के दायरे में तकरीबन 62 बिंदु रखे हैं, जिनमें भिखारी और वेश्यावृत्ति शामिल हैं। परिषद ने इस बाबत सभी 62 बिंदुओं से जुड़ा विज्ञापन भी अखबार में छपवाया था, जिसमें प्रस्ताव को लेकर आपत्तियां मांगी गईं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here