किशोर तिवारी
महाराष्ट्र के चर्चित किसान नेता व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त किशोर तिवारी ने कहा कि, “आरएसएस प्रमुख को पार्टी की कमान गडकरी के हाथों में सौंप देनी चाहिए ताकि आमलोगों के बीच भयमुक्त माहौल का निर्माण हो सके। लोगों के बीच विश्वास के वातावरण बनें।
गडकरी ऐसे नेता हैं जो सभी गठबंधन दलों को साथ लेकर भी चल सकते हैं। लोगों के बीच के डर को दूर कर सकते हैं।” तिवारी का यह भी कहना है कि जनविरोधी और किसान विराेधी नीतियों की वजह से भाजपा को तीन राज्यों में सत्ता गंवानी पड़ी। हालांकि, मंगलवार को इस पत्र से जुड़े सवाल के बारे में पूछने पर मोहन भागवत ने किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार किया।
एक प्रेस नोट के माध्यम से तिवारी ने कहा, “हाल में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद केंद्रीय नेतृत्व के तानाशाही के बारे में पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा होने लगी है। कहा जाने लगा है कि हार की वजह अहंकारी नेता हैं, जिन्होंने नोटबंदी, जीएसटी, तेल के दामों में वृद्धि जैसे जनविरोधी फैसले लागू किए।
सही से देखरेख नहीं होने की वजह से एलपीजी और मुद्रा स्कीम जैसी योजनाएं फेल हो गए। ऐसे नेता जो तानाशाही का दृष्टिकोण रखते हैं, वे समाज और देश के लिए खतरनाक है। पार्टी को उदार नेतृत्व की जरूरत है, जो सच में विकास कर सकें।”
वसंतराव नाइक शेती स्वाबलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के चर्चित किसान नेता व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त किशोर तिवारी ने आरएसएस से आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह अब केंद्रीय मंत्री व नागपुर सांसद नितिन गडकरी को लाया जाए।
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उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखे एक पत्र के माध्यम से मांग किया, “यदि भाजपा 2019 लोकसभा चुनाव जीतना चाहती है तो ऐसा करना चाहिए। 61 वर्षीय गडकरी कई दशक से भाजपा और
आरएसएस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और वर्तमान मंत्रिमंडल के सदस्य भी हैं। भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसलिए वे पीएम जैसे उच्च पद के लिए पर्याप्त रूप से योग्य हैं।”

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