दलित युवक
हथरस जिले के कुमारपुर गांव के रहने वाले दलित दूल्हे हरविंदर सिंह ने कहा, “मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि मेरी शादी में क्या हुआ? मैं एक इलेक्ट्रीशियन हूं। दिल्ली, नोएडा, लुधियाना सहित कई जगहों पर काम कर चुका हूं। मैंने कई संस्थानों में भी काम किया है,
लेकिन मेरे साथ इस तरह से दुर्व्यवहार नहीं किया गया। बुधवार को जिन लोगों ने हमारे उपर हमला किया, उनकी आंखों में हमारे समुदाय के प्रति हिंसक द्वेष दिख रहा था। मैं घोड़ी पर सवार था। मरे दोस्त, परिजन और बाराती मंडप की ओर बढ़ रहे थे और डांस कर रहे थे।
तभी अचानक ठाकुर समुदाय के लोग वहां पहुंचे और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए हमारे उपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने मुझे घाेड़ी पर से उतरने को मजबूर कर दिया।” दूल्हे के परिजनों ने ठाकुरों द्वारा केस वापस लेने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में कथित तौर पर ठाकुरों द्वारा शादी के दौरान दलित दूल्हें पर हमला करने और उसे घोड़ी से उतरवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दूल्हे को मंडप तक पैदल जाने को मजबूर किया गया। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई गई है।
पहली प्राथमिकी के अनुसार, जिले के असरौली गांव में शादी समारोह के दौरान अगड़ी जाति के लोगों द्वारा पत्थरबाजी की गई। साथ ही दलितों को जातिसूचक अपशब्द बोले गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी ठाकुर समुदाय के लोगों द्वारा दर्ज करवायी गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते बुधवार को असरौली गांव में दो शादियां थी। इसमें एक ठाकुर जाति के यहां थी और दूसरा दलित के घर में। ठाकुरों ने गांव में घोड़े पर बारात निकाली। इसके बाद दलितों ने भी दूल्हे को घोड़ी पर बैठाया और मंडप तक ले जाने लगे। हालांकि, जैसे ही शादी समारोह शुरू हुआ, कथित तौर पर ठाकुरों ने दूल्हे के साथ दुर्व्यवहार किया, पत्थर फेंके और उन्हें घोड़ी से उतार मंडप तक पैदल जाने को मजबूर किया।
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टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, ऐटा एसपी के हस्तक्षेप के बाद गुरुवार की शाम इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी (क्राइम) ओपी सिंह ने कहा, “दोनों पक्ष की ओर से कई आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।”
हालांकि, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। ठाकुर समुदाय द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि दलितों ने उन्हें उकसाया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जांच के बाद सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

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