मोदी राहुल
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू, लोक सभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, बीजेपीन के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ यूपीए चेयरपर्सन सानिया गांधी मौजूद थीं। संसद परिसर पर 13 दिसंबर, 2001 को पांच आतंकियों ने हमला कर दिया था।
इस आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला ऑफिसर, एक कैमरामैन, पार्लियामेंट के दो वॉच और वार्ड कर्मचारी और एक माली की मौत हो गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही रैलियों से एक दूसरे पर हमला करते हों, लेकिन पास होकर भी दोनों एक दूसरे को दुआ सलाम भी नहीं करते। यह नजारा गुरुवार को संसद में एक कार्यक्रम में देखने को मिला। जहां पीएम मोदी और राहुल गांधी कुछ ही दूरी पर खड़े थे। मगर दोनों ने एक दूसरे से बात तक नहीं की।
संसद पर 2001 में हुए हमलों में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद थे। दोनों ही नेताओं के बीच की दूरी बहुत कम थी। लेकिन फिर भी दोनों के बीच बात तो दूर की बात दुआ सलाम तक नहीं हुआ।
हालांकि पीएम मोदी को अपने समकक्ष रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलते देखा गया। वहीं, मोदी कैबिनेट के मंत्रियों ने राहुल गांधी से हाथ मिलाया। राहुल से केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और रामदास अठावले को मिलते देखा गया।
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बता दें कि, कांग्रेस ने बीजेपी के विजय रथ को रोकते हुए हिंदी पट्टी के तीन बड़े राज्य छीन लिए हैं। इसी पर बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी निशाना साधा जबकि उन्होंने राहुल गांधी का सलाम किया है। बीजेपी के ‘शत्रु’ ने कांग्रेस की जबरदस्त जीत पर राहुल गांधी के कसीदे पढ़े।

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